फतेहपुर में यमुना नदी में अवैध खनन का खुला खेल मंगलवार शाम को पकड़ा गया। कमिश्नर व पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और दो अन्य टीमों ने कई घाटों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इसमें एआरटीओ, जिला खनन अधिकारी रंजन राज व थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार मौर्य की सीधी संलिप्तता पाई गई। एडीएम राजस्व विनय पाठक, एएसपी विजय शंकर मिश्रा, एसडीएम सदर अवधेश निगम व सीओ थरियांव प्रगति को पर्यवेक्षण में लापरवाह माना गया है। कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने बताया कि सातों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है।
मंगलवार शाम छह बजे मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और आईजी चंद्र प्रकाश ने फतेहपुर के रामनगर कौहन के खंड एक में यमुना नदी के घाटों का निरीक्षण किया। वहां के सीसीटीवी कैमरे बंद मिले। कर्मचारी ने फुटेज भी नहीं दिखाए। कैमरे भी खनन स्थल से काफी दूर लगे मिले। तय स्थान और जलधारा में भी अवैध खनन पाया गया। रास्ते में खड़ी गाड़ियों के रवन्ना प्रपत्र (ढुलाई दस्तावेज) पुरानी तिथि के पाए गए।
मंडलायुक्त के निर्देश पर प्रयागराज के एडीएम नजूल ने ओती के खंड चार में निरीक्षण किया, जहां 15 वाहन ओवरलोडेड पाए गए। वाहनों की न नंबर प्लेट स्पष्ट थी, न ड्राइवरों का जवाब। सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। रवन्ना भी नहीं था। सिटी मजिस्ट्रेट ने अढ़ावल के खंड तीन, कंपोजिट संख्या एक व तीन का निरीक्षण किया। यहां तीन पोकलैंड से बालू निकाली जा रही थी। एक दर्जन ओवरलोडेड गाड़ियां भी पकड़ी गईं। इनके ड्राइवर भाग गए थे। इनके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कमिश्नर ने खनन अधिकारियों से अवैध खनन की पैमाइश करके बुधवार तक आख्या देने और फतेहपुर के डीएम-एसपी से अलग रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है। कमिश्नर का कहना है कि अवैध खनन के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाएगी।