तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग तथा आंदोलन के समर्थन में किसानों, श्रमिकों ने बुधवार को बालसन चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा के सामने उपवास रखा। हालांकि, कुछ देर बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आंदोलन से रोके जाने तथा गिरफ्तारी की श्रमिकों ने निंदा की। साथ ही और तेज आंदोलन की चेतावनी दी।
श्रमिक संगठनों की ओर से पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ता गांधीजी की प्रतिमा के सामने एकत्रित हुए और उपवास पर बैठ गए। पुलिस ने रोकने की कोशिश की लेकिन वे पीछे नहीं हटे। इसके बाद पुलिस ने एटक के प्रांतीय उपाध्यक्ष नसीम अंसारी, आनंद मालवीय, अखिल विकल्प, सुनील मौर्य, विवेक, माता प्रसाद पाल को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद श्रमिक संगठनों ने नेहरू प्रतिमा के सामने सभा की। इस दौरान उन्होंने गिरफ्तारी की निंदा की।
उनका कहना था कि सरकार किसान आंदोलन से इस कदर डर गई है कि शांतिपूर्वक भी आंदोलन नहीं करने दे रही। उन्होंने इसे अलोकतांत्रित कार्रवाई बताई। श्रमिकों ने तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग की। सभा में रामसागर, अनु सिंह, शीतला प्रसाद सिंह, मुश्तकीम, राजेश सचान, अविनाश मिश्र, प्रदीप ओबामा आदि शामिल रहे।
एनएसयूआई से जुड़े छात्रों ने भी कृषि कानून के विरोध में गांधी प्रतिमा के सामने उपवास रखा तथा गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वालों में अक्षय यादव, कोमलाक्ष गिरी, करन ङ्क्षसंह आदि शामिल रहे।
दिल्ली रवाना हुए किसान-श्रमिक
अपना दल से जुड़े श्रमिक और किसान बुधवार को कृषि कानूनों के विरोध में जारी आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। इससे पहले हुई बैठक में सदस्यों ने कानून को किसान विरोधी बताया। उन्होंने सरकार के लिए बुद्धि-शुद्धि यज्ञ भी किया। दिल्ली रवाना होने वालों में जय सिंह यादव, अमरदीप निषाद, हीरालाल निषाद, जितेंद्र शुक्ला, अभिलाषा यादव, पूजा सिंह, आर्यन यादव आदि शामिल रहे।
रिहा सपा नेताओं का स्वागत
कृषि कानूनों के विरोध में भारत बंद की घोषणा के बीच आठ दिसंबर को गिरफ्तार सपा नेता इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष अदील हमजा, समाजवादी छात्रसभा के जिलाध्यक्ष अखिलेश गुप्ता गुड्डू को बुधवार को रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद सपा कार्यकर्ताओं और छात्रों ने उनका नैनी जेल के अलावा जगह-जगह स्वागत किया।
वे नैनी जेल से जुलूस के रूप में छात्रसंघ भवन पहुंचे और लाल पद्मधर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। दोनों नेताओं का कहना था कि इस तरह की कार्रवाई से वे पीछे नहीं हटेंगे। बल्कि, किसानों के हित में उनके आंदोलन का संकल्प और मजबूत हुआ है। स्वागत करने वालों में डॉ.अमर सिंह यादव, अरविंद सरोज, जॉन्टी यादव, अविनाश विद्यार्थी, संदीप यादव आदि शामिल रहे।
Fasted in protest against agricultural laws, arrested- फोटो : CITY DESK
Fasted in protest against agricultural laws, arrested- फोटो : CITY DESK