किसानों को भी अब पूरी तरह से हाईटेक होना होगा। यहां तक कि अब खाद की कीमत का भुगतान भी वह कैश में नहीं कर पाएंगे। ऑनलाइन भुगतान करना होगा। खास यह कि प्राइवेज दुकानों पर भी यह व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए सभी दुकानदारों को स्वैप मशीन, गूगल पे आदि से डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
खासतौर पर, प्राइवेट दुकानों पर खाद की अधिक कीमत वसूले जाने की लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है। इसके लिए आदेश भी जारी हो चुका है।
जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि सभी फुटकर विक्रेताओं को इसके लिए जरूरी कदम उठाने और क्यूआर कोड को काउंटर पर प्रदर्शित करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद कैश लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।