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सनसनीखेज वारदात, हाथ-पैर काट दलित किसान को चारपाई में बांधकर जिंदा जलाया

Tue, 18 Jun 2019 06:34 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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मृत किसान - फोटो : अमर उजाला
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पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बेलारामपुर में सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। गांव के बाहर पंपिंगसेट पर सो रहे दलित किसान के हाथ-पैर काटने के बाद उसे चारपाई में बांधकर जिंदा फूंक दिया गया। उसका शव पूरी तरह जल गया था। खबर मिलते ही पुलिस भागकर मौके पर पहुंची। घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। घटनास्थल पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक व एसडीएम पट्टी समेत आसपास के थानों की फोर्स डटी रही। 11 घंटे बाद शाम करीब साढ़े चार बजे के करीब डीएम घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एक युवक को हिरासत में लिया गया है। 

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पट्टी कोतवाली के बेलारामपुर निवासी विनय कुमार सरोज उर्फ बबलू (33) पुत्र शोभनाथ सरोज खेती करने के साथ ही सुअर पालन का व्यवसाय करता था। रविवार की रात वह परिवार के लोगों के साथ भारत-पाकिस्तान का मैच देख रहा था। मैच खत्म होने के बाद वह घर से करीब तीन सौ मीटर दूर खेत में लगे पपिंगसेट पर धान की नर्सरी की रखवाली करने के लिए चला गया। वहीं पर उसका सुअरबाड़ा भी है। 

सोमवार तड़के करीब पांच बजे विनय का भाई ओमप्रकाश पपिंगसेट पर जाने के लिए निकला। कुछ दूर पहले ही उसे पपिंगसेट के पास बने छप्पर से धुआं उठता दिखा। वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गया। उसके भाई विनय की लाश जल रही थी। उसे चारपाई से बांधा गया था और हाथ-पैर कटे हुए थे। यह देखकर वह चिल्लाने लगा। चीख सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े। विनय को जिंदा जलाने की खबर सुनते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद भी पट्टी पुलिस विलंब से मौके पर पहुंची। छानबीन करने के बाद अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। 
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कुछ ही देर में सीओ पट्टी, एसडीएम संग एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्र मौके पर पहुंचे। अफसर परिवार के लोगों से घटना की जानकारी लेने के बाद शव को कब्जे में लेने की तैयारी करने लगे। इस पर परिजनों ने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव उठाने से मना कर दिया। दिनभर अफसर ग्रामीणों और परिजनों को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। शाम करीब साढ़े चार बजे जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों को नौ लाख रुपये की आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस समेत सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। मृतक के भाई ओमप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में पुलिस ने मृतक विनय सरोज के सुअरबाड़े में पार्टनर विजेंद्र को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

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