प्रयागराज ही नहीं, पड़ोसी जिलों में भी बल्र्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन इसे लेकर लोगों में भय व्याप्त है। विकास भवन स्थित कंट्रोल रूप में आने वाले फोन को सुनकर इस भय का अनुमान लगाया जा सकता है। एक भी चिडिय़ा मर जाए तो लोग दहशत में आ जा रहे हैं। कड़ाके की ठंड में इस तरह के फोन का सिलसिला कुछ तेज हो गया है।
प्रीतम नगर में बाज का बच्चा एक घर के लॉन में गिर गया। दहशत में आए परिवार वाले उसके पास नहीं गए। तत्काल कंट्रोल रूम में फोन किया। पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी रात में पहुंच गई। जांच में पता चला कि बाज का बच्चा जिंदा है और ठंड की वजह से गिर गया था। इसी तरह से म्योराबाद में एक चिडिय़ा तथा सहसों में एक कौआ के मरने की सूचना लोगों ने कंट्रोल रूम में दी। हालांकि राहत की बात है कहीं भी बल्र्ड फ्लू की आशंका नहीं है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आरपी राय ने बताया कि लोगों की शिकायत पर टीम भेजी जा रही है। यहां किसी तरह का भय नहीं है। निगरानी टीम भी हर संवेदनशील स्थानों पर नजर बनाए हुए है।