व्हाट्सएप पर दोपहर वायरल हुए एक मैसेज से इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में हड़कंप मचा रहा। वॉशआउट से संबंधित इस मैसेज में 12 जून से हॉस्टलों को खाली कराए जाने की बात लिखी थी। इसे लेकर छात्रों में आक्रोश भी फैल गया। हालांकि शाम होते-होते पुलिस ने बताया कि यह अफवाह सिर्फ माहौल खराब करने के लिए फैलाई गई। जांच शुरू कर दी गई है और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी मैसेज दोपहर एक बजे के करीब व्हाट्सएप पर वायरल हुआ। इसमें लिखा था कि ‘इविवि व ट्रस्ट के हॉस्टलों को पूरी तरह से खाली कराने के लिए 12 जून से वॉशआउट अभियान चलाया जाएगा। 15 जून तक हॉस्टल खाली करा लिए जाएंगे। यह निर्णय सोमवार को हुई इविवि व पुलिस अफसरों की संयुक्त बैठक में लिया गया। मैसेज में यह भी लिखा था कि अभियान से पहले छात्र-छात्राओं को सात दिन का समय दिया गया है। जिसके बाद फोर्स की मदद से हॉस्टल खाली कराया जाएगा।
मैसेज की जानकारी हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों को हुई तो वह आक्रोशित हो उठे। उधर मामले की जानकारी जब विवि अफसरों को हुई तो वह हैरत में पड़ गए। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। जांच पड़ताल के बाद शाम को पुलिस अफसरों ने बताया कि मैसेज फर्जी है। हॉस्टलों का माहौल खराब करने के मकसद से इसे वायरल किया गया। सीओ एएसपी श्रीश्चंद्र ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की मदद से पता लगाया जा रहा है कि मैसेज कहां से वायरल किया गया। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि मैसेज फर्जी है इसलिए इसे फॉरवर्ड करने वालों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।