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ISIS Module: स्लीपर सेल के तौर पर काम करता था फैजान, रिजवान के जरिए हुआ था आईएसआईएस के दो आतंकियों से संपर्क

Thu, 18 Jan 2024 11:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

करेली का रहने वाला फैजान आईएसआईएस के मॉड्यूल के स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहा था। नैनी के रहने वाले आलिम रिजवान के जरिए आईएसआईएस के दो आतंकियों से संपर्क हुआ था। एएमयू के अन्य छात्रों को भी जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाता था।
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Faizan - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकवादी निरोधक दस्ते(एटीएस) ने 25 हजार के इनामी करेली निवासी जिस फैजान बख्तियार को बुधवार को गिरफ्तार किया, वह आतंकी संगठन आईएसआईएस के मॉड्यूल के स्लीपर सेल के तौर पर काम कर रहा था। नैनी निवासी आलिम रिजवान के जरिए वह आईएसआईअएस के दो आतंकियों के सीधे संपर्क में था।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फैजान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन एसएएमयू के उन सदस्यों में शामिल था जो आईएसआईएस आतंकी शहनवाज के सीधे संपर्क में थे। वह लगातार शहनवाज व उसके एक अन्य साथी आईएसआईएस आतंकी रिजवान अली से बातें करता था और उनके हुक्म पर आईएसआईएस मॉड्यूल के प्रचार प्रसार के लिए काम करता था।

बता दें कि शहनवाज को पिछले साल अक्तूबर में दिल्ली की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था और तब देश में आईएसआईएस के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ हुआ था। शहनवाज की गिरफ्तारी के बाद ही उससे पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ था कि अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के छात्र संगठन के कुछ छात्र उसके व उसके साथी रिजवान अली के सीधे संपर्क में थे और इनमें ही फैजान भी शामिल था।
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नैनी निवासी आलिम ने दिलाई थी शपथ
दिल्ली में शहनवाज के साथ नैनी निवासी आलिम रिजवान अशरफ भी गिरफ्तार हुआ था। यह रिजवान अशरफ सीधे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों के संपर्क में था। इन छात्राें में फैजान भी शामिल था। रिजवान दिल्ली में गिरफ्तार आईएसआईएस आतंकी शहनवाज का साथी है। वह छात्र तो नहीं है लेकिन आईएसआईएस विचारधारा का होने के चलते छात्र संगठन के माध्यम से फैजान व उसके साथियों से जुड़ा था। साथ ही इनके साथ अलग-अलग माध्यमों से जुड़कर आईएसआईएस का प्रचार प्रसार कर रहा था।
 

सबसे खास बात यह है कि इस्लामिक शिक्षा प्राप्त कर यह आलिम बन चुका था और इसने ही आईएसआईएस आतंकी शहनवाज के सीधे संपर्क में रहे फैजान समेत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन से जुड़े कुछ छात्रों को शपथ यानी बैयत भी दिलाई थी। इसके मुताबिक, शपथ लेने वाले सभी लोग आईएसआईएस की विचारधारा के अनुसार जिहादी आतंकी कार्रवाई को पूर्ण करने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे।

 

रिजवान नैनी के महेवा में किराये के कमरे में रहता था। रिजवान के ही बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने के लिए एटीएस की टीम उसे लेकर नैनी के कसाई मोहल्ले में भी पहुंची थी। यहां एक सपा नेता के रिश्तेदार के घर पर पहुंचकर घंटों छानबीन भी की थी। साथ ही लैपटॉप,मोबाइल समेत काफी सामान को जब्त भी किया था। दरअसल सपा नेता के रिश्तेदार के बेटे से रिजवान की दोस्ती थी और इसी क्रम में उसे दिल्ली बुलाकर एटीएस ने गहन पूछताछ भी की थी।
 

घरवालों ने ओढ़ी खामोशी, मोहल्ले में सन्नाटा
फैजान करेली के जीटीबी नगर में जागृति अस्पताल के पास का रहने वाला है और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता बख्तियार यूसुफ अधिवक्ता हैं और मां शिक्षिका हैं। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर का है और उसके दो अन्य भाई भी शहर से बाहर रहकर पढ़ाई करते हैं। फैजान की गिरफ्तारी के बाद से घरवालों ने खामोशी ओढ़ रखी है। वह कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनके पिता से फोन पर भी संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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उसकी गिरफ्तारी के बाद से मोहल्ले के लोग भी स्तब्ध हैं। इस मामले में कोई कुछ खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर एक शख्स ने बताया कि परिवार बेहद सामान्य है और फैजान के बारे में यह सुनकर किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि वह आतंकी संगठन के लोगों के संपर्क में था। बताया कि फैजान कभी-कभी ही घर आया करता था।
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