पहले शाही स्नान पर श्रद्धालुओं ने अपने उन परिजनों को भी मेले का नजारा लाइव दिखाया जो किसी वजह से यहां आ नहीं पाए थे। जो जहां थे वहीं से अपने मोबाइल पर लाइव था। बीच-बीच में इंटरनेट की दिक्कत ने मजा जरूर किरकिरा किया लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी।
अहमदाबाद से आईआईएम कर चुके और अमेरिका की एक कंपनी में नौकरी करने वाले सुदीप्तो घोष सुबह से ही उस स्थान पर पहुंच गए थे, जहां से नागा संन्यासियों को शाही स्नान के लिए जाना था। उन्होंने करीब एक घंटे तक अमेरिका और कोलकाता में रह रहे परिजनों को कुंभ का लाइव दर्शन अपने मोबाइल पर गुगल डुओ के जरिए करा रहे थे। सुदीप्तों ने बताया कि पहली बार नजदीक से नागा संन्यासियों को देखना, इट्स अमेजिंग।
सिर्फ सुदीप्तो जैसे हाईटेक लोग ही नहीं, गुरसहायगंज से अपने पति के साथ यहां आई निर्मला मिश्रा ने बताया कि उनकी सासू मां चलने में असमर्थ थी, इसलिए उन्होंने अपने देवर के फोन से वाट्सएप लाइव के जरिए उन्हें महात्माओं का दर्शन करा दिया।
कई जगहों से स्कूली छात्रों का गु्रप भी यहां नागाओं को देखने आया था। वह भी पूरे स्नान की वीडियो बनाने में जुटा था। छात्रों की टीम के लीडर अशोक रावत ने बताया कि नागा संन्यासियों पर वे लोग एक प्रोजेक्ट कर रहे है, इसलिए यह अवसर उनके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। पूरे मेले में जिसको देखों वहीं लाइव नजर आया।