इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह समेत आठ छात्र नेताओं का निष्कासन और निलंबन वापस होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को इस बाबत तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। जानकारी के अनुसार सदस्यों ने निलंबन और निष्कासन वापस लेने की संस्तुति भी कर दी है। एक-दो दिनों में इस बाबत आदेश जारी कर दिया जाएगा। छात्र नेताओं का निष्कासन और निलंबन वापस लेने का कुलपति पर काफी दबाव था। उनके खिलाफ जांच की संस्तुति के बाद यह दबाव और बढ़ गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अचानक लिए गए इस फैसले को इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अफसर इस बाबत कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
प्रवेश परीक्षा में धांधली समेत कई मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले आंदोलनरत छात्रों ने दो अगस्त को कुलपति दफ्तर में तालाबंदी कर दी थी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पांच अगस्त को लिए गए आदेश में इसमें शामिल छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह, संयुक्त मंत्री श्रवण जायसवाल, छात्र नेता आनंद सिंह निक्कू और सूर्य कुमार मिश्रा को निष्कासित कर दिया गया था। इनके अलावा सांस्कृतिक सचिव जितेंद्र शुक्ला, अनुभव उपाध्याय, नलिनी मिश्रा और हिमांशु पांडेय के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। छात्रों के अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने भी इसकी शिकायत मानव संसाधन विकास मंत्रालय में की है। इनमें से हाईकोर्ट के आदेश पर नलिनी मिश्रा का निलंबन पहले ही वापस लिया जा चुका है। हर तरफ से दबाव बढ़ने के बाद अब सात अन्य छात्र नेताओं का निष्कासन और निलंबन वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि कुछ शर्तों के साथ कमेटी के सदस्यों ने निष्कासन और निलंबन वापस लेने की संस्तुति कर दी है। हालांकि चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने कमेटी गठित किए जाने की बात तो स्वीकार की लेकिन किसी तरह की संस्तुति या अन्य किसी निर्णय से उन्होंने इंकार किया। संघटक कॉलेज अध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ.सुनील कांत मिश्रा ने छात्रों का निलंबन और निष्कासन वापस लिए जाने की पहल तथा सत्र लाभ की व्यवस्था फिर से बहाल करने के विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले का स्वागत किया है।
कुलपति छुट्टी पर
इलाहाबाद (ब्यूरो)। सत्र लाभ की व्यवस्था बहाल करने के फैसले तथा छात्र नेताओं के निलंबन और निष्कासन वापस लिए जाने की कार्रवाई शुरू करने के बाद कुलपति प्रोफेसर रतनलाल हांगलू दो सप्ताह की छुट्टी पर जा रहे हैं। हालांकि, उनके अवकाश पर जाने को लेकर तरह-तरह की कयासबाजी भी शुरू हो गई है। इसके विपरीत विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना है कि उनके बेटे की शादी है। इसी सिलसिले में वह छुट्टी पर जा रहे हैं।