शहर के विभिन्न इलाकों में आए दिन ट्रांसफाॅर्मर फुंकने के मामले में विभाग ने सख्ती बरती है। उप्र पावर कारपोरेशन लिमिटेड के शीर्ष अधिकारी निदेशक (तकनीकी) जितेंद्र नलवाया ने अधिशासी अभियंता करैलाबाग को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने पूछा कि आखिर ट्रांसफॉर्मर क्यों जल रहे हैं, इसके पीछे की क्या वजह है। उन्होंने तीन दिन में जवाब देने और कार्य में सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
एक से 19 जून तक शहर के सात डिवीजन में सबसे अधिक ट्रांसफॉर्मर करैलाबाग डिवीजन के फुंके हैं। इस दौरान दिए गए नोटिस में कहा गया कि पिछले साल की तुलना में इस बार 100 से 1000 केवीए क्षमता के कुल तीन ट्रांसफाॅर्मर फुंके हैं। पूर्व की तुलना में ट्रांसफाॅर्मरों की क्षतिग्रस्तता वर्तमान में अधिक होना कार्य के प्रति उदासीनता व शिथिलता को दर्शाता है।
यहां भी जले ट्रांसफॉर्मर
आंकड़े बताते हैं कि रामबाग डिवीजन में 400 केवीए के तीन, बमरौली डिवीजन में 400 केवीए के तीन ट्रांसफाॅर्मर फुंके हैं। वहीं, टैगोर टाउन डिवीजन में 250 केवीए का एक, कल्याणी देवी डिवीजन में 400 केवीए का एक और 630 केवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर जला। सबसे कम नैनी डिवीजन में 250 केवीए का एक ट्रांसफाॅर्मर फुंका है।