भले ही औपचारिक रूप से कोई घोषणा न हुई हो लेकिन यह तय है कि चार माह बाद जमीन महंगी होने जा रही है। ऐसे में अगर आप मकान या जमीन खरीदने की सोच रहे हैं तो फटाफट खरीदारी कर रजिस्ट्री भी करा लें। चार माह बाद सर्किल रेट बढ़ने पर जमीन की कीमत में उछाल आने के साथ रजिस्ट्री भी महंगी हो जाएगी। वैसे भी इस बार वकीलों की हड़ताल के कारण निबंधन विभाग को मार्च तक तगड़ा चूना लगा है। तकरीबन 18 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ऐसे में प्रस्तावित सर्किल रेट में अतिरिक्त बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
वैसे तो शहर में जमीन के भाव पहले से ही आसमान छू रहे हैं। पिछले साल सर्किल रेट में 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी की गई थी। जमीन की सरकारी कीमत बढ़ते ही रजिस्ट्री भी महंगी हो गई थी। साथ ही इसकी आड़ में भूमाफिया ने जमीन के बाजार मूल्य को भी आसमान पर पहुंचा दिया। ऐसे में आम आदमी के लिए शहर में जमीन या मकान खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में चार माह बाद अगस्त से सर्किल रेट एक नए संशोधन के साथ लागू किया जाएगा तो मुसीबत और बढ़ जाएंगी। कहने को भले ही सर्किल रेट का पुनरीक्षण होना है लेकिन इसकी आड़ में सर्किल रेट बढ़ाकर जमीन को महंगा करने की पूरी तैयारी है। नया सर्किल रेट लागू करने के लिए दो माह बाद सर्वे भी शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि अफसर अभी इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को तैयार नहीं हैं। एआईजी स्टांप का कहना है कि नया सर्किल रेट अगस्त से लागू होना। सर्किल रेट बढ़ेगा या नहीं, अभी स्पष्ट नहीं किया जा सकता है।