इलाहाबाद। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा-2015 में हुए बदलावों से हिन्दी पट्टी के अभ्यर्थियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गईं हैं। यहां के प्रतियोगियों का मजबूत पक्ष माना जा रहा सामान्य अध्ययन का पेपर काफी संतुलित रहा। खास यह कि नए नियम के तहत मेरिट का निर्धारण इसी पेपर के आधार पर होगा। हालांकि रविवार को आयोजित परीक्षा में सीसैट के पेपर में गद्यांश से संबंधित प्रश्न इस बार भी प्रतियोगियों के लिए चुनौती बने। सीसैट में गद्यांश के साथ गणित और रीजनिंग के प्रश्न थे। ऐसे में इस परीक्षा में एसएससी, बैंक आदि संस्थाओं की भर्तियों की तैयारी करने वालों की बल्ले-बल्ले होने की बात कही जा रही है।
सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में हिन्दी पट्टी के प्रतियोगियों की सफलता में बाधा साबित हो रहे सीसैट को क्वालीफाइंग पेपर कर दिया गया है। मेरिट सिर्फ सामान्य अध्ययन के पेपर के आधार पर बनेगी, जो यहां के प्रतियोगियों का मजबूत पक्ष माना जाता है। पेपर में भूगोल, इतिहास, पर्यावरण सभी खंड का समावेश रहा और संतुलित प्रश्नपत्र बताया जा रहा है। इससे भी अभ्यर्थियों में उत्साह है। ऐसे में सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों के लिए सीसैट के पेपर में गद्यांश के खंड का महत्व बढ़ गया है।
गद्यांश भी भूगोल, पर्यावरण, करेंट आदि विषयों पर थे लेकिन प्रश्नों का जवाब सीधे नहीं मिल रहा था। जवाब के लिए गद्यांश को समझने के साथ विषय की व्यापक जानकारी भी जरूरी थी। इनके अलावा पेपर में गणित और रीजनिंग के सवाल थे जो कला वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए चुनौती बने। हालांकि विज्ञान वर्ग तथा वन डे परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतियोगियों के लिए इसमें अच्छे अवसर हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि सीसैट में क्वालीफाई करने के लिए न्यूनतम 33 फीसदी अंक की बाधा यहां के प्रतियोगी पार कर लेंगे। विशेषज्ञ रनीश जैन का कहा है कि पेपर संतुलित रहा। ऐसे में यहां के प्रतियोगियों को बदलावों का फायदा मिलने की उम्मीद है।
अकेले इलाहाबाद में 16485 अभ्यर्थियों ने सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा-2015 छोड़ दी। यहां 85 केंद्रों पर रविवार को आयोजित परीक्षा में 39752 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। कैट के आदेश के बाद नौ अभ्यर्थी और बढ़े तथा कुल संख्या 39761 हो गई। पहली पाली में इनमें से 23471 अभ्यर्थी शामिल हुए लेकिन पेपर खराब होने की वजह से 195 और अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह से 23276 अभ्यर्थियों ने दोनों पाली की परीक्षा दी।
पूर्व में सीसैट के पेपर में हिन्दी के कठिन शब्द यहां के प्रतियोगियों के अबूझ पहेली बने थे। अभ्यर्थियों का आरोप था कि पेपर अंग्रेजी में तैयार किया गया। इसका हिन्दी वर्जन इसी का गूगल से ट्रांसलेट करके तैयार किया गया। इसकी वजह से अभ्यर्थियों को प्रश्न ही समझ में नहीं आए। इसके विरोध में हिन्दी पट्टी के प्रतियोगियों ने देशव्यापी आंदोलन चलाया। इस विरोध को देखते हुए यूपीएससी ने इस बार इसका निदान कर दिया। हिन्दी में भी पेपर की भाषा का सरलीकरण किया गया था। हिन्दी के कठिन शब्दों ब्रैकेट मेें अंग्रेजी शब्द भी दिया गया था। इससे पेपर की शब्दावली को लेकर अभ्यर्थियों की कोई शिकायत नहीं रही।
कालिंदीपुरम के महावीर प्रसाद इंटर कालेज पर परीक्षा दे रहा एक अभ्यर्थी पेपर के साथ ओएमआर शीट (उत्तर पुस्तिका) भी साथ लेते गया। हालांकि कुछ देर बाद ही वह वापस आ गया है। उसका कहना था कि गलती से वह ओएमआर शीट लेते गया। एडीएम सिटी ने बताया कि अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका को अलग से भेजा गया। आयोग को इस बाबत रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों में इस बार सील नहीं लगा था। इसे लेकर अभ्यर्थियों में कई आशंकाएं रहीं। पहली पाली की परीक्षा के बाद कई अभ्यर्थियों ने डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। हालांकि संघ लोक सेवा आयोग की ओर से ही बिना सील लगे पेपर दिए जाने का निर्णय लिया गया था। आयोग प्रतिनिधि ने इसकी जानकारी दी तब जाकर स्थिति स्पष्ट हुई।