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एक्सईएन ने किया भ्रष्टाचार के खेल का खुलासा

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Rupee - फोटो : AU
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प्रयागराज। विद्युत माध्यमिक कार्य खंड में तैनात अधिशासी अभियंता वीके शर्मा ने शनिवार को विभागीय उच्चाधिकारियों पर भ्रष्टाचार को संरक्षण प्रदान करने का आरोप लगाकर हड़कंप मचा दिया। यूपीपीसीएल के चेयरमैन आलोक कुमार को पत्र भेजकर एक्सईएन ने कहा है कि बिजली विभाग में बड़े पदों पर बैठे अफसर भ्रष्टाचार को दबाने और पर्दा डालने में जुटे हैं। ऐसे में प्रयागराज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टालरेंस की नीति को झटका लग रहा है। मऊ आइमा व साथर विद्युत उपकेंद्र घोटाले का खुलासा होने के बाद भी दोषी अभियंताओं पर कार्रवाई न होने से आहत एक्सईएन ने चेताया है कि अगर जांच रिपोर्ट दबाई गई तो वह इस मामले को लेकर खुद लखनऊ पहुंचेंगे।
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यूपीपीसीएल के चेयरमैन को भेजे पत्र में एक्सईएन ने कहा है कि दोनों उप केंद्रों के निर्माण में करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय अनियमितता पाई गई है। जांच भी तीन स्तरों पर कराई गई। फिर भी न तो मुख्य अभियंता के स्तर पर कार्रवाई की गई न ही डिस्काम के एमडी के स्तर पर। अलबत्ता घोटाले के आरोपियों को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। खंड कार्यालय में नियुक्त कार्यालय सहायकों एवं सहायक लेखाकार ने तो इस मामले जांच से संबंधित किसी भी प्रपत्र पर हस्ताक्षर करने तक से स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया है। दोनों उपकेंद्रों के निर्माण के दौरान कागज पर ही ओवरहेडेड लाइन का निर्माण दिखाकर फर्जी बिलों को सत्यापित कर भुगतान कराया गया है। एक्सईएन ने पत्र में कहा है कि इस घोटाले से जुड़े अभियंता पर कार्रवाई तो दूर, ऊंची पहुंच केचलते उनको अहम जिम्मेदारी दी गई है। उल्लेखनीय है कि एक्सईएन वीके शर्मा प्रमोटड पावर इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव भी हैं। उन्होंने एसोसिएशन के बैनर तले मामले को उठाने की चेतावनी दी है।
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