कार्यालय शिफ्ट करने को लेकर लगाया गया वित्तिय अनियमितता का आरोप
प्रयागराज। मुख्य अभियंता कार्यालय में तैनात एक्ससीएन के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि एक्सईएन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है।
मामले की शिकायत पूर्व मुख्य अभियंता से की गई थी लेकिन आज तक काई जांच रिपोर्ट नहीं आई। इस पर शिकायत कर्ता उत्तर प्रदेश बिजली कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय मंत्री हेमंत कुमार ओझा ने दोबारा मुख्य अभियंता कार्यालय में सभी रिकार्ड सौंप जांच करने की मांग की है।
एक्सईएन राम सनेही पर आरोप है कि प्रतापगढ़ विद्युत वितरण खंड प्रथम का कार्यभार सौंपा गया था। उन्होेंने कार्यालय (भगवा चुंगी स्थित निजी मकान में) शिफ्ट करने के लिए बिना किसी आदेश के कार्य शुरू कर दिया। यह कार्यालय कर्मचारियों के आवास में शिफ्ट कराने की तैयारी थी। आवास को पुनर्निमाण भी कराया जाने लगा। आरोप है कि उसकेलिए 10 लाख रुपये का खर्चा बताया जा रहा है। बिना टेंडर के कार्य शुरू कर दिया गया। आरोप है कि कार्यालय शिफ्ट कराए जाने को लेकर 25 लाख रुपये का सौदा किया गया। 15 दिन तक काम होने केबाद पुनर्निमाण का कार्य बंद कर कार्यालय शिफ्ट नहीं किया गया। आरोप लगाया गया है कि उन्होंने मनमाने तरीकेसे यह कार्य किया। क्षेत्रीय मंत्री का कहना है किमामले में ठेकेदार, मकान मालिक सिविल विभाग सहित सभी पक्षों से पूछताछ की जाए तो मामला साफ हो जाएगा। इसके अलावा उन पर संविदा कर्मियों का मानदेय समय से भुगतान न किए जाने और कर्मचारियों केसाथ सही व्यवहार न किए जाने का आरोप लगाया गया है। कर्मचारी नेता हेमंत नंदन ओझा ने कहा कि उन्होंने मामले की शिकायत पूर्व मुख्य अभियंता से की थी लेकिन जांच रिपोर्ट ही नहीं आई। इसकेचलते फिर से मुख्य अभियंता को सारी शिकायतें दी गई हैं।
मामले में एक्ससीएन रामसनेही का कहना है कि जिस कर्मचारी नेता ने शिकायत की है, उसके खिलाफ प्रदर्शन कराने पर कार्रवाई की गई थी। इसकेचलते उन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। सारी शिकायते गलत और निराधार हैं। फिलहाल मामले में मुख्य अभियंता ओपी यादव ने जांच केआदेश दिए हैं।