इस आपूर्ति प्रक्रिया में अरुणाचल प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के वन निगमों ने हिस्सा लिया। सबसे कम रेट डालने वाले अरुणाचल प्रदेश फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड को पहली खेप में 39,500 साल स्लीपर और 5300 साल एजिंग की आपूर्ति के लिए अधिशासी अभियंता कुंभ मेला की ओर से ऑर्डर दिए गए। लेकिन, एक्सईएन ने इसके लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति नहीं ली थी।
इसकी शिकायत मिलने पर कुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने अधिशासी अभियंता के खिलाफ शासन को पत्र लिखकर निलंबन की संस्तुति की थी। इस बीच मुख्य अभियंता विजय कन्नौजिया ने अरुणाचल प्रदेश फॉरेस्ट कॉर्पोरेशन को बिना वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृति के दिया गया आर्डर निरस्त कर दिया।
करीब 90 करोड़ के साल स्लीपर और साल एजिंग की आपूर्ति के आर्डर निरस्त होने के बाद शासन स्तर पर शिकायतें भी की गईं। इस बीच जांच के बाद शासन ने एक्सईएन कुंभ मेला को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। विशेष सचिव विनोद कुमार की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश वन निगम के प्रबंध निदेशक के नाम साल स्लीपर और साल एजिंग की खरीद के आर्ड में गंभीर वित्तीय अनियतितता पाई गई है।
मामले में अधिशासी अभियंता क खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही भी आरंभ की गई है। निलंबन की अवधि में एक्सईएन को वित्तीय नियम संग्रह खंड-2 के प्रावधानों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि अर्ध वेतन पर देय अवकाश वेतन की धनराशि के बराबर देय होगी। एक्सईएन को पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष प्रमुख अभियंता (विकास) के कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
निलंबन के साथ ही एक्सईएन के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें नियमानुसार एक्सईएन अर्ध न्यायिक जांच होगी। इसके लिए शासन स्तर पर जांच अधिकारी जल्द ही नामित कर दिया जाएगा। - विजय कन्नौजिया, मुख्य अभियंता, पीडब्ल्यूडी