बैठक के दौरान उन्होंने गंगा स्वच्छता और जल जीवन मिशन में लापरवाही बरतने वाले फतेहपुर और कौशाम्बी के अधिशासी अभियंताओं को तत्काल हटाने के निर्देश दिये। बिलिंग में लापरवाही पर फतेहपुर के एकाउंटेंट को भी तत्काल निलंबित किए जाने के आदेश दिए हैं। उनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई के भी निर्देश दिये। प्रयागराज और प्रतापगढ़ के अधिकारियों को काम में सुधार कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
गंगा स्वच्छता और जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने जल जीवन मिशन में धीमा काम कर रहीं एजेंसियों को चेतावनी दी। कहा कि अधिकारी 15 दिनों में अपना काम सुधार लें, नहीं तो उनपर कार्रवाई करने में बिलकुल देर नहीं की जाएगी। कहा कि सरकार नदियों के मुद्दे पर बहुत सजग है। ऐसे में सभी अधिकारियों का दायित्व बनता है कि पूरी निष्ठा के साथ सरकार की मंशा के अनुरूप कार्य कराएं। सरकार महाकुंभ 2025 की तैयारियों को रफ्तार देने में जुटी है। गंगा को अविरल, निर्मल करने के लिए नमामि गंगे और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अफसर फील्ड पर उतरे हैं।
नैनी, फाफामऊ एसटीपी शुरू, झूंसी का एसटीपी हर हाल में अप्रैल में होगा शुरू
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने 42 एमएलडी नैनी एसटीपी और 14 एमएलडी फाफामऊ एसटीपी शुरू कर दिया है। इन दोनों एसटीपी के चालू हो जाने से गंगा नदी की सफाई में बड़ा बदलाव आएगा। प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने अधिकारियों से 16 एमएलडी झूंसी एसटीपी को हर हाल में अप्रैल में शुरू करने के निर्देश दिये। साथ ही सलोरी और राजपुर की प्रस्तावित यूनिटों को भी हर हाल में महाकुंभ से पहले पूरा कर लेने के भी निर्देश दिये हैं।
अब किसी भी जिले से हो सकेगी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की निगरानी
सरकार की पहल पर नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए स्काडा सिस्टम को चालू कर दिया है। इस तकनीक से अब अब किसी भी जिले से अधिकारी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की आसानी से निगरानी कर सकेंगे। नदी की स्वच्छता और निर्मलता बनाए रखने के लिये यह तकनीक काफी हितकर साबित होगी। समीक्षा बैठक में विशेष सचिव राजेश पांडेय, जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री और मुख्य विकास अधिकारी शिपू गिरि समेत विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।