उस दौरान नेपाल के राजा ने ही शिवकुटी में 251 शिवलिंगों की शिव कचहरी का निर्माण कराया था। वर्ष भर में इस कचहरी का दर्शन करने के लिए देश भर से 10 लाख से अधिक पर्यटक आते रहे हैं। घाट निर्माण के बाद पर्यटकों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।
इसी तरह मांडा ब्लाक के बढ़वारी खुर्द गांव में बेलन नदी के तट पर 10 करोड़ रुपये की लागत से घाट निर्माण कराया जाएगा। यहां नदी तट पर स्थित प्राचीन शोभनाथ मंदिर को सजाने-संवारे की योजना है। इसके तहत सोलर लाइट, बेंचेज, पर्यटक आराम गृह के अलावा साइनेज निर्माण कराया जाएगा।
पर्यटन विभाग के अफसरों के मुताबिक शोभनाथ मंदिर सिंधु सभ्यता की समकालीन बेलन नदी घाटी सभ्यता के अवशेष जहां मिले हैं, उससे सिर्फ दो किमी दूरी पर स्थित है। मंदिर परिसर में एक खंभा भी मिला है, जिस पर कोई लिपि वर्णित है,लेकिन अभी तक उसे पढ़ा नहीं जा सका है।
इसी तरह फूलपुर के सारी पट्टी में फुटहवा महादेव, शृंगवेरपुर धाम निषादराज पार्क, शंकरगढ़ के लालापुर में मनकामेश्वर मंदिर, ककरा दुबावल में दुर्वासा ऋषि आश्रम, हंडिया में लाक्षागृह किलाकोट को पर्यटन विकास की दृष्टि से सजाने-संवारने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
पर्यटन उप निदेशक दिनेश कुमार ने इसे लेकर कहा कि मुख्य मंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत विधानसभावार तीर्थों, मंदिरों और नदी तटों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। ऐेसे ऐतिहासिक, पौराणिक महत्व के स्थलों को चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस योजना के तहत प्रयागराज के धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जाएगा।