प्रयागराज। सैम हिंगनवाटम यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रकल्चर टेकनोलॉजी एंड साइंसेज( शुआट्स) में 77 अध्यापकों की अवैध नियुक्ति कर सरकारी धन का दुरुपयोग करने के मामले की जांच एसआईटी करेगी। विशेष अनुसंधान दल(एसआईटी) के डीआईजी जे रविंदर गौड़ ने शुआट्स के कुल सचिव को पत्र लिखकर इस मामले से जुड़े रिकार्ड तलब किए हैं। साथ ही जांच में सहयोग व संबंधित अभिलेखों को उपलब्ध कराने के लिए इस मामले में शुआट्स की ओर से नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए कहा है, ताकि समय से जांच पूरी की जा सके।
विशेष अनुसंधान दल केडीआईजी जे रविंदर गौड़ ने संयुक्त सचिव (गृह) के पत्र पर इस प्रकरण की एसआईटी जांच के लिए शुआट्स के रजिस्ट्रार से सहयोग मांगा है। डीआईजी की ओर से बीते छह सितंबर को कुल सचिव को भेजे गए पत्र में शुआट्स के कुलपति आरबी लाल की ओर से बरती गई कई गंभीर अनियमितताओं का जिक्र किया गया है। डीआईजी ने पत्र में कहा है कि शुआट्स के कुलपति आरबी लाला की ओर से 77 शिक्षकों की अवैध नियुक्ति करने, सरकारी धन का दुरुपयोग करने के साथ गवन कर संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच एसआईटी को सौंपी गई है।
इस मामले के साथ ही शुआट्स के शिक्षक डॉ चंद्रकांत शुक्ला व अन्य की मिलीभगत से दो कंपनियों के जरिए दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम चलाकर अवैध तरीके से धन अर्जित करने की भी जांच एसआईटी को सौंपी गई है। डीआईजी ने रजिस्ट्रार से कहा है कि वह अपने संस्थान की ओर से इसके लिए एक नोडल अधिकारी को नामित कर सूचित करें, ताकि जांच शुरू कराई जा सके। उल्लेखनीय है कि भाजपा नेता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने वर्ष 2017 में इस मामले की शिकायत मंडलायुक्त से की थी। इस पर मंडलायुक्त आशीष कुमार गोयल ने तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराकर रिपोर्ट प्रमुख सचिव कृषि शिक्षा व अनुसंधान अनुभाग को भेजी थी। तब, मंडलायुक्त की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में भी 69 शिक्षक पदों पर नियुक्ति में शत प्रतिशत अनियमितता बरते जाने की बात कही गई थी।