गुजरात के पूर्व विधायक जयंतीलाल भानुशाली की हत्या का मामला, टैगोर टाउन में परिचित की मदद से किराये पर लिया था मकान
एएन झा मार्ग स्थित अस्पताल से पकड़ी गई महिला
प्रयागराज। गुजरात के पूर्व भाजपा विधायक जयंतीलाल भानुशाली की हत्या में शहर से गिरफ्तार किए गए दो आरोपी पिछले डेढ़ महीने से शहर में थे। दोनों ने टैगोरटाउन स्थित कॉलोनी में अपना ठिकाना बनाया था। यहां एक परिचित की मदद से लिए गए किराये के मकान में वह छिपकर रह रहे थे।
मामले की जांच में जुटी गुजरात एसआईटी को उनके शहर में होने की भनक करीब 15 दिन पहले लगी थी। जिसके बाद उसकी ओर से जिला पुलिस को सूचना भी दी गई थी। चूंकि दोनों नाम बदलकर रह रहे थे, ऐसे में उन्हें पकड़ा नहीं जा सका था। उधर उनकी तलाश में जुटी गुजरात एसआईटी को दो दिन पहले जानकारी मिली कि दोनों शहर के कीडगंज इलाके में छिपकर रह रहे हैं। जिसके बाद एसआईटी सोमवार सुबह पुलिस अफसरों से संपर्क कर सीधे कीडगंज थाने पहुंच गई। वहां स्थानीय पुलिस की मदद से एसआईटी दिन भर सुरागरशी में जुटी रही। लेकिन उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। देर रात जानकारी मिली कि एक आरोपी मनीषा जार्जटाउन में अमरनाथ झा मार्ग स्थित एक नर्सिंग होम में पहुंचने वाली है। इसके बाद टीम ने अस्पताल पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
उससे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर एसआईटी व कीडगंज पुलिस ने रात में ही टैगोरटाउन में कल्शी क्लासेस के पीछे स्थित कॉलोनी के एक मकान में छापा मारा, जहां आरोपी सुजीत भी मिल गया। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर कीडगंज थाने लाया गया।
प्रतापगढ़ के परिचित की मदद से मिला था कमरा
सूत्रों की मानें तो कीडगंज थाने में हुई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि प्रतापगढ़ के डेरवा निवासी परिचित ने उन्हें टैगोरटाउन में कमरा दिलवाया था। हालांकि मकान मालिक को उनके हत्यारोपी होने की जानकारी नहीं थी। मनीषा ने यह भी बताया कि उसी परिचित की पत्नी की दवा लेने वह रात में अस्पताल पहुंची थी कि इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया।
दुष्कर्म का आरोप लगने पर छोड़ा था प्रदेश अध्यक्ष का पद
प्रयागराज। पूर्व विधायक भानुशाली पर पिछले साल एक महिला ने दुष्कर्म का भी आरोप लगाया था। सूरत निवासी महिला ने तहरीर में कहा था कि पूर्व विधायक ने एक प्रतिष्ठित फैशन डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट में दाखिला दिलाने के नाम पर नवंबर 2017 से मार्च 2018 तक कई बार उससे दुष्कर्म किया था। आरोप लगने पर पूर्व विधायक ने राज्य भाजपा अध्यक्ष के पद से इस्तीफा भी दे दिया था। हालांकि महिला ने बाद में अदालत में हलफनामा दाखिल करके मामले की आगे जांच न किए जाने और दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने मान लिया था।
बेहद गोपनीय रखी गई थी कार्रवाई
गुजरात एसआईटी की ओर से की गई कार्रवाई को बेहद गोपनीय रखा गया था। हाल यह था कि कीडगंज पुलिस को भी मामले की जानकारी तब मिली जब गुजराज एसआईटी थाने पहुंची। वहां भी पुलिस को पहले सिर्फ इतना ही बताया गया कि हत्या के मामले में वांछित चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना है। पुलिस को यहां तक नहीं पता था कि मामला किसकी हत्या का है।