चुनाव के समय जब आचार संहिता लागू हो जाती है तब भी नेता कुछ ऐसा कर जाते हैं जिसे संहिता का उल्लंघन माना जाता है। और अगर शिकायत हो जाए तो मुकदमा भी झेलना पड़ता है। ऐसे ही एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान जब पूर्व मंत्री ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया तो अदालत ने कुछ जुर्माना लगाकर पूर्व मंत्रीजी को इस मामसे ले मुक्ति दे दी।
जानकारी मिली है कि अदालत में आचार संहिता उल्लंघन के एक मुकदमे में पूर्व मंत्री रामरती बिंद ने जब अपना अपराध कुबूल कर लिया तो कोर्ट ने 17 सौ रुपये का जुर्माना लगाकर उन्हें दंडित किया और इसके बाद मुकदमा खत्म हो गया।
मुकदमे की सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में हुई। अदालत में पूर्व मंत्री ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए जज से मुकदमा समाप्त करने का आग्रह किया तो फैसला उनके पक्ष में गया। हालांकि इसी मामले कई और लोग भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ अदालत फिर से 5 नवंबर को बैठेगी।