जीआई सर्वे के बाद स्मार्ट सिटी प्रयागराज के हर घर का नया नंबर होगा। एक सड़क या गली के मकान नंबर क्रमवार किए जाएंगे। यही नहीं नई व्यवस्था में जोन, वार्ड, ब्लॉक के साथ भवन संख्या से लोगों को सहूलियत होगी। नई आबादी वाले क्षेत्रों के साथ राजरूपपुर, राजापुर, अल्लापुर, नैनी, झूंसी समेत अन्य मोहल्लों में भवन संख्या बेतरतीब होने से लोग परेशान हैं। इन मोहल्लों में एक ही लेन में मकानों के नंबर अलग-अलग हैं।
शहर में जीआई सर्वे का काम चल रहा है। सभी वार्डों में यह काम अप्रैल तक पूरा किया जाना है। इसके बाद सर्वे कर रही कंपनी यूनिस्कोप भवन संख्या को क्रमवार करेगी। शासन स्तर पर हुई शिकायतों के आधार पर कंपनी का चयन लखनऊ से किया गया है। अनुबंध में स्मार्ट शहर के सभी वार्डों में भवनों को क्रमवार नया नंबर देने की व्यवस्था है।
बाहर से आने वालों को भटकना होगा कम
बाहर से आने वालों को ही नहीं शहर के ही एक से दूसरे मोहल्लों में जाने वालों को मौजूदा समय में नंबर के मुताबिक किसी का मकान खोजने में काफी दिक्कत होती हैं। राजरूपपुर, कालिंदीपुरम, अल्लापुर, राजापुर, नैनी, झूंसी समेत अन्य नए पुराने मोहल्लों और वार्डों में नंबर के आधार पर किसी के घर पहुंचना दुष्कर कार्य है। पहली बार किसी के घर जाने वालों का घंटों समय खराब होता है।
अब जोन, वार्ड, गली-सड़क के ब्लॉक बनेंगे सहायक
नई व्यवस्था के तहत मकान नंबर के पहले जोन, वार्ड, गली-सड़क के ब्लॉक के नंबर और संकेत जारी किए जाएंगे। इसके लिए प्रारूप तैयार है। मसलन काली मंदिर कटरा के जाने वाले को वहां की लोकेशन भी मिलेगी। सभी विवरण ऑनलाइन किए जाने की तैयारी है। एक ब्लॉक में भवनों का नंबर क्रम से होगा। इस व्यवस्था में उन मोहल्लों में राहत होगी, जहां भवनों के नंबर क्रम से हैं। लेकिन अन्य गणना वहां भी की जाएगी।
फिर मिलेगी नंबर प्लेट, शासन तय करेगा कीमत
भवनों की संख्या क्रमवार करने का काम एक साल में पूरा किया जाएगा। इसके लिए कंपनी नई प्लेट भी उपलब्ध कराएगी, लेकिन प्लेट का मूल्य कम से कम हो, इसका निर्धारण शासन स्तर से किया जाएगा।
- स्मार्ट सिटी योजना के तहत शासन के निर्देश पर जीआई सर्वे का काम कराया जा रहा है। इसके बाद शहर के हर वार्ड के भवनों को क्रमवार नया नंबर दिया जाएगा। - रवि रंजन, नगर आयुक्त सीईओ स्मार्ट सिटी कंपनी
- भवनों के नए नंबर और अन्य सूचनाओं वाली एक नंबर प्लेट सभी भवन स्वामियों को दिए जाने की योजना है। यह कार्य नगर निगम के कर विभाग की निगरानी में होगा। - पीके मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी