मधुमेह और हृदय रोग के गंभीर मरीजों को भी सीजीएचएस से जरूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। तिलक नगर अल्लापुर के रहने वाले दिलीप कुमार (कार्ड नंबर 1090357) का आरोप है कि चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.ओम प्रकाश के पर्चे के मुताबिक दवा के ‘लोकल पर्चेज’ के लिए सीजीएचएस के औषधालय संख्या एक के प्रभारी मुख्य चिकित्साधिकारी से संपर्ककिया गया। नियमानुसार अगले दिन ही पूरी दवा मिल जानी चाहिए लेकिन कई चक्कर लगाने के बावजूद दवाइयां नहीं मिलीं। श्वास और माइग्रेन की मरीज उनकी पत्नी विनीता श्रीवास्तव की ‘लोकल पर्चेज’ की दवाइयां भी नहीं मिल सकी।
इसी तरह शांति अग्रवाल (कार्ड नंबर 1061) को भी दवा के लिए परेशान होना पड़ा। कई बार के बाद दूसरे नाम से दवा उपलब्ध कराई गई। राजेंद्र प्रसाद और रेनू शर्मा (कार्ड नंबर 371174) का भी कहना है कि कई बार चक्कर लगाने के बाद आधी-अधूरी और
‘सब्सीट्यूट’ दवाइयां मिेलीं। इतना ही नहीं कई दवाइयां बाहर से भी खरीदनी पड़ीं।
पीड़ितों का कहना है कि डॉक्टरों के मुताबिक सभी दवाइयां जीवन रक्षक हैं, जिन्हें लेने में कतई अंतराल नहीं होना चाहिए। वहीं लॉकडाउन के दौरान बार-बार डिस्पेंसरी जाने से तबीयत और बिगड़ी। पीड़ितों की ओर से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ.हर्षवर्धन, स्वास्थ्य योजना निदेशक और अपर निदेशक सीजीएचएस को पत्र भेजकर दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।