नगर पंचायत ढकवा में 98 लाख की सड़कों के निर्माण को लेकर कमीशन के रूप में रिश्वत लेने वाले लिपिक प्रशांत सिंह की गिरफ्तारी व ईओ अभिनव यादव पर भ्रष्टाचार की दर्ज प्राथमिकी को लेकर सन्नाटा पसरा हुआ है। सोमवार को जनसुनवाई नहीं हुई। कार्यालय में ताला लटकता रहा। कार्रवाई के बाद से ईओ लापता चल रहे हैं।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई को लेकर नगर पालिका कार्यालय से लेकर नगर पंचायत ढकवा में खलबली मची रही। ईओ पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। वहीं एक जेई की भूमिका को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है।
लिपिक को नहीं है निर्माण के फाइल की जानकारी
नगर पंचायत ढकवा में भले ही लिपिक के पद पर धर्मेंद्र की तैनाती है लेकिन उनके पास निर्माण कार्यों से संबंधित कोई फाइल नहीं है। कार्यालय नहीं आए लिपिक धर्मेंद्र ने बताया कि उसके पास आलमारी की चाबी नहीं है। चेयरमैन व ईओ ने निर्माण व टेंडर की सभी फाइल निलंबित लिपिक प्रशांत को दिला दी थी। फिलहाल जांच के बाद कई लोगों पर गाज गिरने की संभावना बनी हुई है।