Entitled to the post of deceased dependent.
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मृतक आश्रित कोटे के अभ्यर्थी को उसकी योग्यता के अनुरूप पद पाने का अधिकार है। यदि उसकी योग्यता में कुछ कमी है तो उसे समय दिया जाना चाहिए और मांगे गए पद पर नियुक्ति दी जानी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो ऐसा करने का कारण बताना होगा। कोर्ट ने कहा कि आश्रित तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति योग्यता रखता है तो उसे टाइपिंग स्पीड के लिए एक वर्ष का समय दिया जाएगा। टाइपिंग टेस्ट में सफल न होने के कारण उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में बिना समय दिए नियुक्त किया जाना सही नहीं है।
यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने अलीगढ़ के विपिन कुमार उपाध्याय की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता बी एन सिंह व देवेन्द्र प्रताप सिंह ने बहस की। याची का कहना था कि उसके पिता ट्यूबवेल ऑपरेटर थे। जिनकी आठ अगस्त 2008 को मृत्यु हो गई। याची ने आश्रित कोटे में तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति का आवेदन दिया। तीन बार टाइप टेस्ट के बाद उसे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर नियुक्ति दी गई। याची ने तृतीय श्रेणी पद पर नियुक्ति की मांग की, जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि मृतक आश्रित नियमावली में ऐसे मामले में एक साल में योग्यता हासिल करने का अवसर दिया जाना चाहिए।