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Research : हवा में मौजूद नमी को पानी में बदलेगी मशीन, रेगिस्तानी में पेयजल संकट दूर करने में हो सकेगी कारगर

Sat, 26 Apr 2025 04:37 PM IST
विनोद सिंह शिवशंकर मिश्र, प्रयागराज

सार

पेयजल की बढ़ती समस्या को देखते हुए ट्रिपलआईटी के वैज्ञानिक ने एक ऐसी मशीन बनाई है जो हवा में मौजूद नमी को पानी में बदल देगी। इससे भविष्य में रेगिस्तानी इलाकों में पानी की कमी को दूर किया जा सकता है।
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डॉ. अखिलेश तिवारी और कंडनशेसन यूनिट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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पेयजल की बढ़ती समस्या को देखते हुए ट्रिपलआईटी के वैज्ञानिक ने एक ऐसी मशीन बनाई है जो हवा में मौजूद नमी को पानी में बदल देगी। इससे भविष्य में रेगिस्तानी इलाकों में पानी की कमी को दूर किया जा सकता है। मशीन से प्राप्त पानी की लागत चार रुपये प्रति लीटर अनुमानित है।

ट्रिपलआईटी इलाहाबाद के स्टेट आफिसर व एसोसिएट प्रोफेसर अखिलेश कुमार तिवारी ने एक ‘कंडनशेसन यूनिट’ बनाया है, जो हवा में मौजूद नमी को पानी (डिस्टिल्ड वाटर) में बदल देगा। इस पानी को पीने के योग्य बनाने के लिए एक फिल्टर भी बना रहे हैं जो पानी में जरूरी मिनरल मिलाएगी। इससे प्राप्त पानी को पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

उन्होंने बताया कि मशीन को बनाने के लिए वर्ष-2017 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से 10 लाख का ग्रांट भी मिला था। वर्ष 2023 में शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इनवायरमेंट साइंस एंड टेक्नालॉजी में पब्लिश हुआ था। मशीन का प्रोटोटाइप बनकर तैयार है और उससे प्राप्त पानी का लैब में परीक्षण भी किया गया है।मशीन की मदद से हम पानी को वातावरण से निकाल सकते हैं। भविष्य में वाटर लेवल कम होने पर मशीन द्वारा निकाले गए पानी को हम पीने के लिए प्रयोग कर सकते हैं। पानी को बनाने में तीन से चार रुपये प्रति लीटर की लागत आ रही है। लागत और भी कम होने की उम्मीद है।

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सौर उर्जा से भी चलाने की तैयारी

वर्तमान में मशीन का परीक्षण बिजली के द्वारा किया गया है। मशीन को चलाने के लिए बिजली की खपत अधिक हो रही थी। बिजली की खपत को कम करने कि लिए आने वाले तीन सालों में मशीन को साैर उर्जा से चलाने की तैयारी है।

लखनऊ के लैब में 35 मानकों पर पाया गया सही

कंडनशेसन यूनिट से प्राप्त पानी का लखनऊ के सावेन प्रोजेक्टस एंड लैबोरेटरीस में जांच किया गया। जांच में पानी 35 मानकों पर सही पाया गया, हालांकि यह पानी पीने योग्य नहीं था। क्योंकि इसमें प्राकृतिक पानी की अपेक्षा मिनरल्स कम पाए गए।

डिस्टिल्ड पानी को प्राकृतिक में बदलने के लिए बना रहे फिल्टर

मशीन द्वारा प्राप्त पानी को पीने के योग्य बनाने के लिए एक फिल्टर भी तैयार किया जा रहा है, जो डिस्टिल्ड पानी में मिनरल्स और अन्य जरूरी तत्व मिलाएगा। आने वाले दो सालों में फिल्टर भी तैयार हो जाएगा।

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