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शून्य अंक पर दाखिला, फिर भी सीटें खाली

Tue, 08 Aug 2017 02:00 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : Getty
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों में परास्नातक के कई पाठ्यक्रमों में सीटें खाली रह गई हैं। सीटें भरने के लिए मेरिट गिराकर शून्य कर दी गई है। इसके बावजूद प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं। कई पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए सभी वर्ग के अभ्यर्थियों को बुलाया जा रहा है। इसके पीछे वजह मानी जा रही है कि स्नातक के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने परास्नातक में प्रवेश के लिए परीक्षा ही नहीं दी तो बहुत से अभ्यर्थी परास्नातक में प्रवेश के लिए चयनित तो हो गए लेकिन कोई दूसरा बेहतर विकल्प मिल जाने के कारण अब प्रवेश लेने को तैयार नहीं हैं। साथ ही सिविल सेवा परीक्षा में कई विषयों का क्रेज कम होने के कारण भी उनमें प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ही बात करें तो एग्रीकल्चर जूलॉजी में आठ अगस्त को प्रवेश के लिए सामान्य, ओबीसी, एससी एवं एसटी वर्ग के सभी अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। वहीं, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज में आठ अगस्त को एमए शिक्षाशास्त्र, आधुनिक एवं मध्यकालीन इतिहास, संस्कृत, उर्दू, रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन, मनोविज्ञान, संगीत (तबला, गायन), दर्शनशास्त्र, पेंटिंग में प्रवेश के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को दाखिले के लिए बुलाया गया है। इसके साथ ही सीएमपी डिग्री कॉलेज में पीजी संस्कृत, दर्शनशास्त्र, डीसीए एवं पीजीडीसीए में दाखिले के लिए सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को आठ अगस्त को कॉलेज में संपर्क करने को कहा गया है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में भी आठ अगस्त को एमए भूगोल, राजनीति विज्ञान, प्राचीन इतिहास, एमएससी रसायन विज्ञान एवं जंतु विज्ञान में प्रवेश के लिए उन सभी अभ्यर्थियों को बुलाया गया है, जो परास्नातक प्रवेश परीक्षा-2017 में शामिल हुए थे। हालत यह हो गई है कि इन पाठ्यक्रमों में अब शून्य अंक पर भी दाखिले हो रहे हैं, इसके बावजूद प्रवेश के लिए अभ्यर्थी नहीं मिल रहे हैं और सीटें खाली पड़ी हुई हैं।


केवल एमए नहीं, बल्कि बीए में भी सैकड़ों सीटें खाली रह गईं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ही सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन सही न मिल पाने के कारण तकरीबन पांच सौ सीटें खाली रह गईं। दर्शनशास्त्र, संस्कृति, उर्दू, संगीत जैसे विषयों का क्रेज कम होने के कारण अभ्यर्थियों ने इन पाठ्यक्रमों वाले कॉम्बिनेशन में प्रवेश ही नहीं लिया। नतीजा कि इविवि प्रशासन को सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों के साथ बैठक करनी पड़ी और इस बात पर विचार किया गया कि क्यों न उन पाठ्यक्रमों की सीटें कम कर दी जाएं, जिनकी डिमांड कम हुई है और प्रवेश के लिए अभ्यर्थी ही नहीं मिल रहे हैं।
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ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में भी पीजी के कई पाठ्यक्रमों की सीटें अब तक खाली हैं, जिनमें प्रवेश के लिए आठ अगस्त को अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। एमकॉम में केवल एससी, एसटी, राजनीति विज्ञान में एससी, हिंदी में एससी, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास में सामान्य, ओबीसी, एससी, अर्थशास्त्र में सामान्य, ओबीसी, एससी, शिक्षाशास्त्र में सामान्य, ओबीसी, एससी, अंग्रेजी में सामान्य, ओबीसी, एससी और समाजशास्त्र में सामान्य, ओबीसी एवं एससी वर्ग के उन सभी अभ्यर्थियों को दोपहर 12 से एक बजे के बीच दाखिले हुए बुलाया गया है, जो पीजीएटी-2017 में शामिल हुए थे।

ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज में बीवोक: ऑटोमोबाइल एवं फूड प्रोसेसिंग त्रिवर्षीय (बैचलर ऑफ वोकेशनल प्रोग्राम) पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए हैं। अभ्यर्थी कॉलेज के काउंटर से आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
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