मौनी अमावस्या से ठीक दो दिन पहले गंगा के जलस्तर में हुई बढ़ोतरी से प्रशासनिक अफसर राहत की सांस ले रहे हैं। गंगा के जलस्तर को लेकर साधु-संतों ने विरोध दर्ज करना शुरू कर दिया था। आंदोलन की चेतावनी दी जा रही थी लेकिन शनिवार सुबह नौ बजे से गंगा का जल स्तर बढ़ने लगा। देर शाम तक जलस्तर में 15 सेमी तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। जलस्तर के साथ संगम घाट की लंबाई में वृद्धि हुई है। ऐसे में मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं को संगम पर स्नान के लिए पर्याप्त जल और जगह मिलेगी।
मौनी अमावस्या का स्नान पर्व आठ फरवरी को है। सोमवार को स्नान पर्व होने के कारण इस दिन का विशेष महत्व हो गया है। अफसर अनुमान लगा रहे हैं कि 80 लाख से एक करोड़ श्रद्धालु मौनी पर स्नान के लिए माघ मेले में पहुंच सकते हैं। ऐसे में तैयारी भी इसी हिसाब से की जा रही है। इस बीच शासन ने भी तकरीबन सवा करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी कर दिया है, सो पैसे की भी अब कोई कमी नहीं। डीएम संजय कुमार ने शनिवार को माघ मेला के प्रशासनिक शिविर में संवाददाताओं को बताया कि नौरारा से छोड़ा गया जल कानपुर बैराज पर रोका गया था। दो दिन पहले वहां से तकरीबन आठ हजार क्यूसेक जल छोड़ा गया, जो शनिवार सुबह नौ बजे संगम पर पहुंच गया। देर शाम तक जलस्तर में 15 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में मौनी अमावस्या के लिए श्रद्धालुओं को स्नान के लिए पर्याप्त जल मिलेगा। जलस्तर बढ़ने से प्रदूषण भी बिल्कुल खत्म हो गया है।
गंगा की धारा भी कुछ ऐसी हो गई है कि इससे संगम नोज घाट की लंबाई में 1275 रनिंग फीट का इजाफा हुआ है और घाट की कुल लंबाई चार हजार रनिंग फीट हो गई है। इसके अलावा मेला क्षेत्र में घाटों की संख्या 14 से बढ़ाकर 17 कर दी गई है। मौनी अमावस्या पर बढ़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मेला पहुंचने का अनुमान है, सो उनके ठहरने के लिए परेड मैदान पर 450 टेंटों की स्थापना की गई है। दुर्घटना रोकने के लिए घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग भी करा दी गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर घाट पर पर्याप्त संख्या में अस्थायी चेंजिंग रूम बनवाए गए हैं। इमरजेंसी में बिजली आपूर्ति के लिए सात जेनरेटरों की व्यवस्था की गई है। हालांकि मेला क्षेत्र में स्थापित किसी भी उपकेंद्र पर 70 फीसदी से अधिक लोड नहीं है, सो बिजली आपूर्ति में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी।
मेले में शनिवार से ही भीड़ बढ़ने लगी है, सो शहर और मेला क्षेत्र में रविवार सुबह आठ बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया जाएगा। एसएसपी केएस इमैनुएल ने बताया कि पहले रविवार रात आठ बजे से ट्रैफिक डायवर्जन करने की योजना थी, लेकिन जिस तरह से मेले में अचानक भीड़ बढ़ी है, उसे देखते हुए निर्णय लिया गया कि रविवार सुबह आठ बजे से ही ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू कर दिया जाएगा, जो मंगलवार सुबह तक लागू रहेगा।
मौनी अमावस्या के दिन यानी सोमवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। अगर मंगलवार सुबह भी ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू रहता है तो बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होगी। इस पर डीएम संजय कुमार का कहना है कि सोमवार शाम भीड़ की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा कि मंगलवार सुबह तक ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू रहेगा या नहीं। इसके बाद ही तय होगा कि मंगलवार को स्कूलों में छुट्टी की जाए या नहीं। इस बारे में भी सोमवार शाम तक स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।