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डिप्टी सीएम के विभाग में अभियंताओं ने कागज पर ही चला दिया गड्ढामुक्त अभियान

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डिप्टी सीएम के विभाग में अभियंताओं ने
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कागज पर चला दिया गड्ढामुक्त अभियान
शहर से लेकर ग्राम्यांचल तक की सड़कों पर काम कराए बिना कई जगह भुगतान
एसई की सख्ती पर अभियान खत्म होने के बाद फूलपुर में अमरसापुर संपर्क मार्ग पर शुरू हुआ काम
प्रयागराज। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के विभाग पीडब्ल्यूडी में अभियंताओं ने शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले गड्ढामुक्त सड़क अभियान को कागज पर ही चलवा दिया है। फूलपुर, हंडिया, सोरांव, प्रतापपुर, मऊआइमा में कई सड़कों पर काम लगा ही नहीं, लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। 15 नवंबर तक शासन की ओर से गड्ढामुक्त सड़कों के लिए निर्धारित डेटलाइन का अफसरों ने जिस तरह अनुपालन कराया है, उसकी हकीकत जानकर कोई भी हैरान रह जाएगा। शासन को भेजी गई रिपोर्ट में सब कुछ ऑल ओके बता दिया गया है, लेकिन अधीक्षण अभियंता की जांच में कुछ सड़कों पर गड़बड़ी मिलने के बाद एई-जेई सकते में हैं। जिले में कुल 1961 किमी सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अभियंताओं ने इस अभियान को सफल बनाने की बजाए शासन की आंख में खुलेआम धूल झोंक दी है।
पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के मुताबिक संगमनगरी में शासन की ओर से निर्धारित अवधि तक कुल 735 सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया गया है। इसमें प्रांतीय खंड के अलावा कुंभ मेला डिवीजन -4, निर्माण खंड-1 व अन्य डिवीजन शामिल हैं। हालत यह है कि फूलपुर ब्लाक में 2.6 किमी लंबे सराय इनायत से कुआंडीह संपर्क मार्ग, 2.5 किमी लंबे अमरसापुर मार्ग पर काम हुआ ही नहीं। वहां न मजदूर लगे न मशीनें ही भेजी गईं, लेकिन इन सड़कों को गड्ढामुक्त दिखा दिया गया। एसई की सख्ती के बाद अमरसापुर संपर्क मार्ग पर तो सोमवार को काम शुरू कराया गया, जबकि कागज पर गड्ढामुक्त सड़क अभियान चार दिन पहले ही पूरा कराया जा चुका है। इसी तरह पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की कार्यशैली का नमूना शहर में भी देखा जा सकता है। चाहे रामबाग हो या फिर बैरहना की सड़कें या फिर राजापुर, क्लाइव रोड व स्टैची रोड। हर कदम गड्ढों के चलते सड़कों पर कब कहां फिसल कर लोग गिर जाएं, कहा नहीं जा सकता। स्कूल वाहन हों या फिर आटो रिक्शा की सवारियां। लोगो को बाजार से घर के बीच गड्ढेनुमा सड़कों पर हर कदम पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। यह अंधेरगर्दी तब है, जब डिप्टी सीएम हर महीने शहर में होते हैं।
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15 नवंबर तक जिले की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त कर दिया गया है। चूंकि गड्ढामुक्त अभियान वर्ष भर चलने वाली प्रक्रिया है, इसलिए कहीं न कहीं गड्ढे बनते और पाटने की स्थिति बनी ही रहती है। महेंद्र प्रताप, एक्सईएन- प्रांतीय खंड।
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गड्ढामुक्त सड़क अभियान में शिकायत पर कुछ जगहों पर गड़बड़ियां मिली हैं। कहीं भी खामियां मिलने पर जिम्मेदार अभियंताओं को बख्शा नहीं जाएगा। विपिन कुमार राय, अधीक्षण अभियंता- पीडब्ल्यूडी।
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