ग्राम रोजगार सेवकों को पिछले आठ महीने से मानदेय नहीं मिला है। उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसे लेकर परेशान रोजगार सेवकों में शासन और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गहरी नाराजगी है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन के लिए जनपद की सभी ग्राम पंचायतों में संविदा पर ग्राम रोजगार सेवकों की तैनाती की गई है। जिन्हें प्रतिमाह 10 हजार रुपये के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। अकेले फूलपुर विकास खंड के 67 गांवों में कुल 50 रोजगार सेवक तैनात किए गए हैं। इसी प्रकार विकास खंड प्रतापपुर में 83, बहरिया 87, सहसों में 45, सैदाबाद 93, एवं हंडिया में 80 समेत प्रयागराज में कुल 1062 ग्राम रोजगार सेवक तैनात हैं।
रोजगार सेवकों का कहना है कि वह काम तो रोज कर रहे हैं। लेकिन किसी ब्लॉक में 6 महीने तो किसी ब्लॉक में पिछले 8 महीने से उन्हें मानदेय नहीं मिला। जिससे उनके और परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसी हालत में बच्चों की दवाई, पढ़ाई और परिवार का खर्च चलना मुश्किल हो गया है।
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ग्राम रोजगार सेवक संघ ने कहा, मांगों को लेकर करेंगे आंदोलन
ग्राम रोजगार सेवक पंचायत मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश पटेल, मंडल अध्यक्ष विजयचंद्र विश्वकर्मा, जिलाध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि पिछले कई महीने से मानदेय नहीं मिलने से ग्राम रोजगार सेवकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। सबसे अधिक परेशानी उनके परिवार के बच्चों की पढ़ाई और दवाई को लेकर उठानी पड़ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि हमारी मांगों पर उत्तर प्रदेश सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो प्रदेश भर के सभी रोजगार सेवक आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
17 ग्राम पंचायत में तैनात रोजगार सेवकों ने बंद कर दिया काम
विकास खंड फूलपुर के ग्राम पंचायत पूरेसूदी, लिलहट, सेफखानपुर, दयालपुर, अजीजपुर, ढोकरी, कोडापुर, भमई हुसामगंज, मैलहन, सराय अभय चंद्र उर्फ चंदौकी ताराडीह, खंसार समेत कुल 17 ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम रोजगार सेवकों ने समय से मानदेय नहीं मिलने और तमाम कठिनाइयों के चलते हुए अपना काम बंद कर दिया। और दूसरे रोजगार में लग गए। ऐसी हालत में ब्लॉक के 17 गांव में ग्राम रोजगार सेवक के पद रिक्त पड़े हैं।
- प्रयागराज जनपद में तैनात हैं कुल 1062 ग्राम रोजगार सेवक।
- जनपद के 23 विकास खंडों में हैं 1541 ग्राम पंचायतें।
- 10 हजार रुपए मिलता है प्रतिमा मानदेय।
- मानदेय से प्रतिमाह 2212 रुपये कटता है इपीएफ।
- आठ माह से बकाया है मानदेय।
शासन से धनराशि रिलीज नहीं होने से समस्या उत्पन्न हुई है। फूलपुर के किसी ग्राम रोजगार सेवक का 5 महीने तो किसी का 8 महीने का मानदेय बकाया है। धनराशि रिलीज होते ही भुगतान कराया जाएगा।
- एचपी वर्मा खंड विकास अधिकारी फूलपुर