प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में रोजगार ब्यूरो खोलने की योजना खटाई में पड़ गई है।
यूजी और पीजी की पढ़ाई पूरी करते ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए यूजीसी ने विश्वविद्यालयों से सभी डिग्री कॉलेजों में रोजगार ब्यूरो खोलने को कहा था।
इसके बाद भी सरकारी विभाग गंभीर नहीं। प्रदेश के डिग्री कॉलेजों में ब्यूरो की स्थापना के लिए मिले तीन करोड़ रुपये का उपयोग नहीं हो सका।
आवंटित धन का दो तिहाई पैसा बिना खर्च किए ही वापस कर दिया गया।
यूजीसी की ओर से डिग्री कॉलेजों सहित विश्वविद्यालयों में छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही पंजीकृत करके नौकरी देने की योजना के तहत इस महत्वाकांक्षी योजना को शुरू किया गया।
इसके माध्यम से पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को रोजगार उपलब्ध कराना था।
इसके तहत विवि में रोजगार ब्यूरो और प्लेसमेंट सेल की स्थापना करने के साथ प्लेसमेंट सेल अधिकारी की नियुक्ति करनी थी।
कुछ कॉलेजों ने अपने यहां काम कर रहे शिक्षकों को ही ब्यूरो का प्रभारी नियुक्त कर कार्यवाहक व्यवस्था लागू कर दी।
यूजीसी की योजना में कॉलेजों और विवि में ब्यूरो के लिए नियमित प्रभारी और कर्मचारी की नियुक्ति करके सभी को रोजगार उपलब्ध कराना था।