पांच सौ और एक हजार के नोटों का चलन बंद करने के बाद केंद्र सरकार अब कैशलेस ट्रांजेक्शन पर जोर दे रही है। वैसे तो तमाम लोग पहले से ही कैशलेश ट्रांजेक्शन कर रहे हैं, लेकिन ज्यादातर कैश में ही लेनदेन करते हैं। सरकार चाहती है कि कैशलेस ट्रांजेक्शन और बढ़े। सरकार इसकी शुुरुआत अपने कर्मचारियों से ही करने जा रही है। कर्मचारियों को प्रेरित करने के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के अफसरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में बैंकिंग तकनीकी में तेजी से विकास हुआ है। डिजिटल पेमेंट की शुरुआत हुई है। कर्मचारियों का वेतन अब इलेक्ट्रॉनिक ट्रांजेक्शन के जरिए सीधे उनके खाते में भेजा जा रहा है। वित्त मंत्रालय की ओर से सभी मंत्रालयों एवं विभागों को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि कर्मचारियों को कैशलेस ट्रांजेक्शन के तहत डेबिट/एटीएम कार्ड उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। हर विभाग इस काम को पूरी गंभीरता से करे।
कर्मचारी इस प्रक्रिया को सहजता से स्वीकार कर सकें, इसके लिए संबंधित बैंकों से बात कर विभाग में ही शिविर लगवाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विभाग का हर कर्मचारी डेबिट/एटीएम कार्ड से कैशलेस ट्रांजेक्शन कर रहा है। यह भी कहा गया है कि कर्मचारी आम लोगों को भी डेबिट/एटीएम कार्ड के जरिये कैशलेस ट्रांजेक्शन के लिए प्रेरित करें।