मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित एचआईवी कार्यालय बंद। संवाद
उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ के करीब 30 कर्मियों ने बुधवार को तीसरे दिन भी दो घंटे कार्य का बहिष्कार किया। सुबह आठ से 10 बजे तक काली पट्टी बांधकर किए गए इस बहिष्कार से एआरटी, आईसीटीसी, एसटीआई और ओएसटी सेंटरों का कार्य ठप रहा, जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी हुई।
संघ के जिलाध्यक्ष आशीष दिवेदी ने बताया कि उनकी 10 सूत्री मांगें लंबे समय से लंबित हैं। शासन बार-बार मांग करने पर भी इन्हें पूरा नहीं कर रहा है। मजबूरन कर्मियों को दो घंटे कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर जाना पड़ रहा है। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 16 अक्तूबर से संपूर्ण कार्य का बहिष्कार होगा। वे एनएचएम कर्मियों की तरह अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे। इस दौरान अजय, सरोजा, राकेश, एके मौर्य और मिथिला तिवारी मौजूद रहे।
इधर, सुखपाल नगर के तीमारदार राम खेलावन यादव ने बताया कि उनकी बहू गर्भवती है। डॉक्टर ने एचआईवी जांच के लिए कहा था। मंगलवार को जांच कराई थी, पर रिपोर्ट नहीं मिली। अस्पताल आने पर भी दो घंटे बाद तक रिपोर्ट नहीं मिल पाई। लालगंज अझारा की सविता शुक्ला ने बताया कि उनकी बेटी प्रसव पीड़ा से परेशान है। एचआईवी जांच न होने से डॉक्टर ऑपरेशन को तैयार नहीं हैं।
इमरजेंसी में आने वाले मरीजों की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कर्मचारियों से कहा गया है। लापरवाही करने पर कार्रवाई होगी।- डॉ. एस हैदर, उप मुख्य चिकित्साधिकारी।