इलाहाबाद (ब्यूरो)। पखवारे भर चलने वाले दधिकांदो मेले की शुरुआत शनिवार को चांदपुर सलोरी से हुई। मेले में हाथी पर चांदी के हौदे पर सवार होकर भगवान श्रीकृष्ण, बड़े भइया बलदाऊ चले तो उन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बैंडबाजा, ध्वजा-पताका, हाथी घोड़े के साथ झांकियों की लाइन लगी रही। मेला क्षेत्र में लगी दुकानों पर दोपहर के बाद से ही खरीददारी शुरू हो गई थी। मेले में सुबह से ही रौनक रही। सड़क की पटरियों पर सजी दुकानों पर घरेलू उपयोग से लेकर मनोरंजन का पूरे समान मौजूद थे। बच्चों के साथ बड़े भी मेले का आनंद लेने में पीछे नहीं थे।
सड़क पर दल और झांकियों की धूम रही। बारजों से महिलाओं ने मुदित होकर कृष्ण बलदाऊ की मोहक छवियों को निहारा। लीला चौकियों में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला की प्रस्तुति के अतिरिक्त सामाजिक सरोकारों से जुड़ी झांकियां भी थी। बेटियों की सुरक्षा, शहर के पर्यावरण को बचाने के लिए अधिक से अधिक पौधरोपण, गंगा यमुना को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश प्रसारित हो रहा था। प्राचीन शिवमंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा शुक्ला मार्केट, ईश्वर शरण पुलिस चौकी, शुतुरखाना, पहलवान वीर बाबा, ईसाई बस्ती, बघाड़ा कला, सदियाबाद होते हुए मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
इससे पहले कान्हा की शोभायात्रा प्राचीन शिवमंदिर से कमेटी के अध्यक्ष राकेश शुक्ल की अगुवाई में विधिविधान से पूजा अर्चना के बाद निकली। घंटा-घड़ियाल शंखनाद के बीच दोनों भाइयों की आरती उतारी गई। ‘जय कन्हैया लाल की’ के घोष के साथ कान्हा को बड़े भइया बलदाऊ के साथ सजे हाथी पर बिठाया गया। शोभायात्रा में उप संरक्षक ब्रह्मप्रकाश शुक्ला, महामंत्री रवींद्र यादव, सेवा राम निषाद, पप्पू पाल, लल्ला भारतीय, प्रभातचंद्र शुक्ल, हरिहरानंद शुक्ला आदि शामिल रहे।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित नौटंकी की प्रस्तुति चांदपुर चौराहा, सदियापुर में हुई। देर रात तक लोगों की भीड़ नौटंकी देखने को डटी रही। महामंत्री रवींद्र यादव के मुताबिक लुप्त होती लोक कलाओं को बचाने एवं कलाकारों को मंच देने के लिए यह कार्यक्रम कराया गया।
गंगेश्वर शिवमंदिर कैलाशपुरी में आयोजित हुए दंगल में झूंसी के मनीष ने बाजी मारी। उन्होंने भदोही के अमर को पटकनी देकर प्रथम स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर गोरखपुर के जितेंद्र ,तीसरे स्थान पर संकटमोचन एवं अरविंद रहे। दंगल में सौ पहलवानों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर संयोजक रामजी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दधिकांदो मेला की दूसरी कड़ी में रविवार को सुलेमसराय में दधिकांदो मेले की धूम होगी। मेला प्रभारी सुभाष केसरवानी के मुताबिक तैयारी पूरी है। कान्हा के दल में सबसे आगे भगवान गणेश एवं बजरंगली की प्रतिमा होगी। हाथी पर चांदी हौदे में भगवान श्रीकृष्ण बलदाऊ विराजेंगे। शोभायात्रा में पांच हाथी 25 ऊंट 51 घुड़सवार एवं 26 लीला चौकियां होंगी। सुशील केसरवानी ने आरोप लगाया कि चौकियां निकलने वाले चौफटका से लेकर माई जी की कुटी तक तकरीबन सात किलोमीटर लंबे रास्ते पर यथोचित तरीके से मरम्मत नहीं कराई गई।