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चुनावी हिंसा में मौत पर 20 लाख मुआवजा

Sun, 12 Feb 2017 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तराखंड - फोटो : ANI
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चुनावी ड्यूटी पर तैनात किसी कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी की हिंसा में मौत हो जाती है तो पीड़ित परिवार को 20 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे, जबकि सामान्य मौत पर कम से कम दस लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। इस बाबत भारत निर्वाचन आयोग ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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निर्वाचन आयोग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि चुनाव में तैनात किसी भी कर्मचारी की ड्यूटी के दौरान सामान्य मौत भी होती है तो उसके परिजनों को कम से कम दस लाख रुपये मुआवजे के तौर पर दिए जाएंगे। अगर कर्मचारी चुनाव कार्य से अपना घर छोड़कर निकल चुका है तो उसकी मौत को ड्यूटी के दौरान हुई मौत माना जाएगा। यह व्यवस्था चुनाव की घोषणा होने की तारीख से लागू हो गई है। अगर कर्मचारी या सुरक्षा कर्मी की रोड माइंस, बम विस्फोट, शस्त्र से हुए आक्रमण या किसी अन्य प्रकार की हिंसा में मौत होती है तो मुआवजे की रकम बढ़कर 20 लाख रुपये हो जाएगी।

अगर ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना में कर्मचारी या सुरक्षाकर्मी का कोई अंग स्थायी रूप से खराब हो जाता है या आंखों की रोशनी चलती जाती है तो कम से कम पांच लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। अगर चुनावी हिंसा में कोई अंग स्थायी रूप से खराब होता है या आंखों की रोशनी चली जाती है तो पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि यह व्यवस्था उन सभी पर लागू होगी, जो किसी भी तरह से चुनाव ड्यूटी से जुड़े हुए हैं। इनमें सीएपीएफ, एसएपी के जवान, राज्य पुलिस कर्मी, होम गार्ड्स आदि भी शामिल हैं।
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