उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) आयोग के उपाध्यक्ष व्यास जी गाेंड़ ने बुधवार को सर्किट हाउस में बीजेपी पर हमला बोला। कहा, चुनाव नजदीक आते ही भाजपा यूपी में दंगा कराने पर उतारू हो गई है। कैराना और कांधला के मामले को वह इसीलिए तूल दे रही है। मुलाकात के दौरान उन्होंने एससी/एसटी के नाम पर फर्जी दर्ज कराई गई रिपोर्टों के बारे में भी खुलकर बात की। कहा, मायावती के समय में जो मुकदमे गलत तरीके से हुए हैं, उसकी जांच कराई जा रही है। 500 से अधिक ऐसे मुकदमे हैं जो जबरन दर्ज कराए गए हैं। अब एससी/एसटी के नाम पर दर्ज कराए गए मामलों की जांच के बाद ही गिरफ्तारी की जाएगी। बिना जांच हुए गिरफ्तारी नहीं हो सकती है।
आयोग उपाध्यक्ष व्यास ने आरोप लगाया कि बीजेपी दंगे वाली पार्टी है। कैराना और कांधला की जो सूची बीजेपी ने जारी की वह गलत है। जो लोग कमाने के लिए 11 साल पहले शहर गए, उसका भी नाम सूची में डाल दिया गया है। बीजेपी की ओर से तैयार यह रिपोर्ट फर्जी है। मथुरा में हुई घटना के लिए भी बीजेपी जिम्मेदार है क्योंकिय यह उसी के इशारे पर हुआ। आरोप लगाया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने फिर यूपी की जनता को लॉलीपॉप दिया है। उनकी पोल खुल गई है। वह अपने वायदे पूरे करने में नाकाम रहे। लोगों के एकाउंट में न तो 15 लाख रुपया आया और न ही यूपी को कुछ दिया जबकि यहां की जनता ने लोकसभा के चुनाव में जमकर समर्थन किया। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गोंड़ जाति का प्रमाणपत्र निर्गत करने में किसी तरह की दिक्कत न हो और यथा संभव स्वयं उनसे शपथ पत्र लेकर प्रमाण पत्र जारी किया जाए।