कार्रवाई के दौरान ही तकरीबन डेढ़ बजे जेसीबी से ढहाई जा रही प्लॉट की बाउंड्री के नीचे बुजुर्ग रामचंद्र भारतीय आ गया। वह साइकिल से कहीं जाने के लिए निकल रहा था। तभी प्लाट की बाउंड्री उसके ऊपर गिर पड़ी। वह दीवार के मलबे में दब गया। जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई। पीडीए के अफसर और कर्मचारी भी सन्न रह गए। किसी तरह भारी मशक्कत के बाद रामचंद्र को दीवार के मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम तक उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी।
उसकी साइकिल मलबे के नीचे दबी पड़ी रही। बुजुर्ग रामचंद्र का जूूता और चश्मा भी मौके पर पड़ा था। उधर, हादसे के बाद जेसीबी के चालक गाड़ी समेत मौके से फरार हो गए। जोनल अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जो व्यक्ति घायल व्यक्ति की शिकायत पर ही टीम गई थी। मेडिकल परीक्षण के दौरान एसआरएन अस्पताल के चिकित्सकों ने उसके नशे में होने की पुष्टि की।
ग्रामीणों ने पीडीएकर्मियों पर लगाए घूसखोरी के आरोप
हादसे के बाद मौके पर जुटे ग्रामीणों ने पीडीएकर्मियों पर घूसखोरी के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नक्शा पास होने के बावजूद पीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। लोगों ने पीडीए के अफसर और कर्मचारियों पर लाखों रुपये घूस लेने के बाद कार्रवाई किए जाने का आरोप लगाया। लोगों को आक्रोशित देख पीडीएकर्मी भी मौके से एक-एक कर फरार हो गए।
घटना का वीडियो वायरल
हादसे के दौरान वहां मौजूद ग्रामीणों ने पूरी घटना के कई वीडियो भी बनाए हैं। इसमें साफ तौर पर दिख रहा है कि हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। पीडीए के कर्मचारी और पुलिसकर्मी दीवार के मलबे के नीचे दबे बुजुर्ग को बाहर निकाल रहे हैं। वीडियो में ही लोग पीडीए के अफसरों पर रिश्वत लेकर कार्रवाई का आरोप लगाते हुए भी साफ सुनाई दे रहे हैं।