बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को लेकर हटिया, अटाला, करेली, गौस नगर, नकास कोहान, 60 फीट रोड की बकरा मंडियों में रौनक चरम पर रही है। करेली और हटिया सहित विभिन्न इलाकों में लगी अस्थाई मंडियों में खरीदारों और व्यापारियों की भारी भीड़ रही है। इस बार मंडी में बरबरी, तोतापुरी, राजस्थानी, जमनापारी और मेवाती नस्ल के बकरों की भारी मांग है, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे।
बाजार में बकरों की कीमतें दस हजार से शुरू होकर चार लाख से ऊपर तक की रही हैं। बकरों का वजन, उनकी कद-काठी और उनके शरीर पर बने प्राकृतिक धार्मिक निशान से उनकी कीमत तय हुई। बकरा पर अल्लाह के निशान और चांद तारे निशान वाले बकरे की खासी मांग रही। सैदपुर निवासी व्यापारी अब्दुल का कहना है कि चारे और परिवहन की लागत बढ़ने के कारण पिछले साल के मुकाबले इस बार कीमतों में 15 से 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन इसके बावजूद, त्योहार को लेकर लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है। शाम होते ही मंडियों में पैर रखने की जगह नहीं रहती और लोग देर रात तक खरीदारी करते हैं।
प्रशासन ने मंडियों में अव्यवस्था और भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करेली गौस नगर स्थित व्यापारी सलमान ने बताया कि खरीदारों को ऑनलाइन भुगतान (UPI) की सुविधा दी जा रही है ताकि बड़ी रकम कैश में ले जाने का जोखिम न रहे। डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी मंडी में मौजूद रही। जो जानवरों के स्वास्थ्य की जांच कर रही है ताकि केवल स्वस्थ पशुओं की ही बिक्री हो सके।