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ईद उल अजहा : दो गुने हो गए बकरों के दाम, सवा लाख में बिका सुल्तान

Tue, 20 Jul 2021 12:19 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

  • मुस्लिम बहुल इलाकों में बकरों के बाजार में रही चहल-पहल, खूब हुई बिक्री 
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prayagraj news : बकरों की खरीदारी। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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ईद -उल- अजहा यानी बकरीद पर लगातार दूसरे वर्ष भी कोरोना संक्रमण का असर साफ नजर आ रहा है। एक तरफ जहां बकरों की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है, वहीं उनके दाम भी पिछले साल के मुकाबले ज्यादा हैं। अच्छी सेहत वाले खूबसूरत दिखने वाले बकरों की अच्छी कीमत भी मिल रही है। सोमवार को ही करेली में अस्करी मार्केट के पास सुल्तान नाम का बकरा सवा लाख में बिका। 
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बुधवार 21 जुलाई को बकरीद है। इस वजह से सोमवार को मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में लगने वाले बकरों के बाजार में खासी चहल-पहल रही। शहर में इस बार करेली के अस्करी मार्केट के पास, नखास कोहना, हटिया, रसूलपुर, अटाला समेत तमाम स्थानों पर बकरों के झुंड को लेकर उन्हें बेचने वाले दिखे। कुछ जगह बकरे बिक्री के लिए मेवात व राजस्थान से लाए गए। बकरों की खरीदारी को लेकर भी खूब मोल भाव हुआ। इस बार मेवाती, जाफराबादी, खस्ती प्रजाति के बकरे बाजार में ज्यादा दिखे।

हटिया के  मो. रफीक बताते हैं कि नस्ल, वजन के साथ ऐसे बकरे जो देखने में खूबसूरत लगते हैं, उनके दाम अच्छे मिलते हैं। अमूमन बकरों का वजन 15 से 20 किलो होता है। इनकी कीमत 10 से 20 हजार रुपये रहती है। लेकिन जो बकरे 40 किलो या उससे ज्यादा वजन के रहते हैं, वह आसानी से 40 हजार रुपये तक में बिक जाते हैं। इस बीच करेली के एसजे रहमानी ने बताया कि सोमवार को उनके एक परिचित ने सुल्तान नाम का बकरा खरीदा। इसकी कीमत तकरीबन सवा लाख रही। कुछ बकरा विक्रेताओं ने अपने बकरों के नाम फिल्मी कलाकारों के नाम पर रखे। 
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डिजिटल प्लेटफार्म पर भी हो रही बकरों की बिक्री
कोरोना की वजह से कुछ व्यापारियों ने इस बार डिजिटल प्लेटफार्म पर भी बकरों की बिक्री शुरू कर दी। वेबसाइट पर बकरा मालिक अपना पता अपलोड कर रहे हैं, ताकि ग्राहक वेबसाइट के माध्यम से उसकी खरीदारी कर सकें। 

इस वर्ष बकरों की कीमत में आया उछाल
हटिया में बकरे बेचने आए उस्मान, सलाउद्दीन, जाकिर आदि ने बताया कि बकरों को जितनी अधिक खुराक खिलाएंगे, वह उतना ही सेहतमंद होगा। इसके लिए बकरों को अच्छी खुराक खिलनी पड़ती है। उनकी खुराक भी महंगी हो गई है। इसीलिए बकरों की कीमत में भी गत वर्ष की अपेक्षा काफी उछाल आया है। बकरों को पड़ोसी राज्यों से भी लाना पड़ता है। उनके लाने-ले जाने में भी खर्च आता है। पिछले वर्ष 15 किलो तक के बकरों की कीमत पांच से दस हजार रुपये थी, जो इस बार दोगुनी हो गई है।
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