विधानसभा चुनाव से पहले विकास कार्यों को गति देने की कवायद शुरू हो गई है। शासन ने विधायक और एमएलसी निधि जारी करने का पत्र भेजा है। जिले के 12 विधायकों और उप मुख्यमंत्री सहित तीन एमएलसी को विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि की दूसरी किस्त मिली है। वर्ष 2026-2027 के लिए यह निधि जारी की गई है।
कुल 37 करोड़ 50 लाख रुपये से विकास कार्य होंगे। प्रत्येक विधायक को ढाई करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह निधि आमतौर पर अप्रैल में पहली और नवंबर-दिसंबर में दूसरी किस्त के रूप में आती है। इस बार सितंबर में ही दूसरी किस्त प्राप्त हो गई है। फाफामऊ, फूलपुर, प्रतापपुर, हंडिया, मेजा, करछना, प्रयागराज पश्चिमी, प्रयागराज उत्तरी, प्रयागराज दक्षिण, बारा, सोरांव और कोरांव के विधायकों को यह निधि मिली है।
तीन एमएलसी को भी यह धनराशि प्राप्त हुई है। सूत्रों के मुताबिक, अभी करीब तीन करोड़ रुपये की धनराशि विधायक खर्च नहीं कर पाए हैं। लगभग 34 करोड़ रुपये विधायक और एमएलसी खर्च कर चुके हैं। परियोजना निदेशक भूपेंद्र सिंह का कहना है कि सभी विधायक एवं एमएलसी की विधानमंडल क्षेत्र विकास निधि की दूसरी किस्त जारी कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि अमूमन दूसरी किस्त कुछ पहले जारी हुई हैं।
प्रशासकों की तैनाती से विकास कार्य बाधित
जिले में 23 विकास खंड हैं। यहां ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। इन प्रशासकों को विकास कार्यों के लिए कोई बजट आवंटित नहीं हो सका है। इस कारण विकास कार्य बाधित हो गए हैं। जिला पंचायत में भी बजट के अभाव में निर्माण कार्य ठप पड़े हैं। यह स्थिति विकास खंडों जैसी ही है। दूसरी ओर, ग्राम पंचायतों को पहले की तरह करोड़ों रुपये का बजट मिला है। ग्राम प्रधान से प्रशासक बने प्रधान यह धनराशि पहले जैसे ही खर्च कर रहे हैं।