प्रयागराज। शिक्षा सेवा अधिकरण प्रयागराज में स्थापित करने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के वकीलों ने बुधवार को फिर से न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इसी मुद्दे को लेकर अवध बार एसोसिएशन की लखनऊ बेंच में प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर सुबह नौ बजे आम सभा की बैठक बुलाई गई। बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने मंगलवार शाम को सैद्धांतिक सहमति बना ली थी कि बुधवार को न्यायिक कार्य नहीं होगा। आम सभा में सदस्यों ने प्रस्ताव की पुष्टि करते हुए प्रस्ताव पारित कर दिया।
बैठक में तय किया गया कि इस मामले में आगे की रणनीति तय करने के लिए अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव जेबी सिंह को अधिकार होगा। शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर प्रयागराज की आम जनता और राजनीतिक दलों से सहयोग मांगा जाएगा। इस संबंध में वैधानिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। बार राष्ट्रपति और राज्यपाल को भी एक ज्ञापन देकर अपना पक्ष रखेगा। बार एसोसिएशन समाचार पत्रों में विज्ञापन भी प्रकाशित कराएगा और आंदोलन पर होने वाले खर्च की संस्तुति आम सभा द्वारा की जाएगी। आम सभा को वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व अध्यक्ष वीसी मिश्र ने भी संबोधित किया। वकीलों के न्यायिक कार्य न करने की घोषणा से अदालतों में काम नहीं हुआ। बैठक में तय किया गया कि 15 अगस्त को ध्वजारोहण के बाद आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। वहीं केंद्रिय प्रशासनिक अधिकरण में वकीलों की बैठक उपाध्यक्ष जितेंद्र नायक की अगुआई में हुई। बैठक में प्रस्ताव पास कर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन का समर्थन किया गया। बैठक में अभिनव त्रिपाठी, मनोज उपाध्याय, ममता शर्मा आदि मौजूद थे।
हाईकोर्ट बार की बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता आरके ओझा, ओपी सिंह सिंह, समाजवादी अधिवक्ता सभा के विनय प्रताप सिंह के नेतृत्व में भी वकीलों ने एक सभा कर शिक्षा अधिकरण के मुद्दे पर हाईकोर्ट बार का समर्थन किया गया है। बैठक में सभी पूर्व अध्यक्ष और महासचिव तथा कार्यकारिणी पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे। यह जानकारी संयुक्त सचिव प्रेस सर्वेश दुबे ने दी है।