आगामी शिक्षक भर्तियों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने विशेषज्ञों के माध्यम से परीक्षा से संबंधित पाठ्यक्रमों का रिवीजन शुरू कर दिया है। आयोग को प्राइमरी से माध्यमिक व उच्च शिक्षा तक भर्ती की प्रक्रिया पूरी करनी है। ऐसे में व्यापक स्तर पर पाठ्यक्रम का रिवीजन कराया जा रहा है।
अपने गठन के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने कुछ अधूरी भर्तियों के इंटरव्यू तो कराए हैं। लेकिन, अब तक किसी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन नहीं किया है। आयोग पहली लिखित परीक्षा 16 व 17 फरवरी को आयोजित करेगा, जो अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती के लिए कराई जाएगी।
इसके बाद आयोग अप्रैल में टीजीटी-पीजीटी के 4163 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा कराने की तैयारी में है। आयोग के सूत्रों के अनुसार इन दोनों भर्तियों के लिए भी पाठ्यक्रमों का रिवीजन कराया जा रहा है। इसके अलावा आयोग परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों, अल्पसंख्यक महाविद्यालयों, अटल आवासीय विद्यालयों में भी शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया शुरू करेगा।
आयोग के सूत्रों का कहना है कि नई शिक्षक भर्ती के लिए नए सिरे से पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू करा दी गई है। वर्ष 2025 में आयोग लंबित भर्तियों के साथ नई के लिए भी परीक्षाएं आयोजित करेगा। पाठ्यक्रम रिवीजन की जिम्मेदारी अलग-अलग विशेषज्ञों को सौंपी गई है। यह काम पूरा होने के बाद आयोग कुछ नई भतियाें के लिए विज्ञापन जारी कर सकता है।
हालांकि, शिक्षा सेवा चयन आयोग को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक भर्तियों की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में पाठ्यक्रमों के रिवीजन और नए पाठ्यक्रम तैयार करने में कुछ वक्त लग सकता है। सूत्रों का कहना है कि अप्रैल 2025 में टीजीटी-पीजीटी की लंबित परीक्षा कराने के बाद ही आयोग किसी नई भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित करेगा।