पांच हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कलक्ट्रेट में तैनात संप्रति लेखाकार दरोगा की पत्नी व बेटे को छह माह से दौड़ा रहा था। आरोप है कि 19 दिसंबर को फिर मिलने पर उसने साफ कह दिया कि बिना पैसे दिए काम नहीं होगा।
यह बात खुद वादी ने अपने बयान में बताई है। उधर, आरोपी शनिवार को वाराणसी जेल भेज दिया गया। आरोपी अजय कुमार त्रिपाठी कतवारूपुर सरायइनायत का रहने वाला है। शनिवार को उसे दोपहर बाद वाराणसी स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। वहां रिमांड अर्जी मंजूर होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन अफसरों को बताया कि उसके पिता महेश प्रकाश मौर्य का निधन तीन मई को हुआ था। छह जून काे उसकी मां राजकली देवी ने मृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए कोषागार अधिकारी को पेंशन अपने नाम स्थानांतरित करने के लिए आवेदन दिया।
तब से लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मिलने पर लेखाकार टालमटोल करता रहा और इस तरह छह महीने बीत गए। 19 दिसंबर को फिर मिलने पर कहा कि ऐसे काम नहीं होगा और कुछ खर्च करना पड़ेगा। एंटी करप्शन इकाई प्रयागराज के प्रभारी रविंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
11 महीने में 10 सरकारीकर्मी गिरफ्तार, सात पर चार्जशीट
एंटी करप्शन इकाई ने इस साल एक जनवरी से लेकर अब तक 10 सरकारी कर्मचारियों को घूस लेते गिरफ्तार किया। इनमें से अधिकांश राजस्वकर्मी हैं। इनमें से सात के खिलाफ चार्जशीट लगाई जा चुकी है। दो अन्य मुकदमों में विवेचना अंतिम चरण में है। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक इंस्पेक्टर पर भी केस दर्ज किया गया जिसकी विवेचना अभी चल रही है।