आयोग ने निदेशकों व उनके प्रतिनिधियों को एक सप्ताह के भीतर अधियाचन भेजने के लिए कहा। लेकिन, पोर्टल में संशोधन, सेवा नियमावली को मंजूरी व अर्हता से संबंधित मामलों का निस्तारण होने तक विभागों के लिए अधियाचन भेज पाना मुश्किल होगा। बैठक में उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज, सहायक उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा, आयोग के सचिव शिवजी मालवीय, अपर निदेशक बेसिक कामताराम पाल समेत संयुक्त निदेशक माध्यमिक, अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि व आयोग के सदस्य मौजूद रहे।
अधियाचन के लिए पोर्टल में होगा संशोधन
बैठक में सहायक उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने कहा कि शिक्षा सेवा चयन आयोग ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के प्रारूप के आधार पर पोर्टल तैयार कराया है। जबकि, दोनों संस्थानों की भर्ती प्रक्रिया में काफी अंतर है। लोक सेवा आयोग की भर्तियों में यूपी का एक कैडर होता है। जबकि, एडेड कॉलेजों में अलग-अलग कैडर हैं। रोस्टर में भी अंतर है। ऐसे में पोर्टल में संशोधन की आवश्यकता है। उन्होंने इन कमियों को नोट करा दिया है। अब शिक्षा सेवा चयन आयोग एनआईसी के माध्यम से आवश्यक संशोधन कराएगा। इसके बाद निदेशालय की ओर से आयोग को पोर्टल पर ऑनलाइन अधियाचन भेजा जाएगा।
अधिवक्ताओं की बैठक स्थगित
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में शनिवार को आयोग के पैनल में शामिल अधिवक्ताओं की बैठक भी थी, जिसमें लंबित मुकदमों के निस्तारण पर चर्चा की जानी थी। तकनीकी कारणों से स्थगित कर दी गई, जिसकी तिथि बाद में घोषित की जाएगी। आयोग के गठन से पहले उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग व माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड के सैकड़ों मुकदमे कोर्ट में लंबित थे। आयोग में उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग व चयन बोर्ड का विलय होने के बाद लंबित मुकदमाें के निस्तारण की जिम्मेदारी अब आयोग के पास आ गई है।