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61 हजार छात्रों के छात्रवृत्ति रिकार्ड संदिग्ध

Fri, 11 Dec 2015 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इंटरमीडिएट को छोड़ दशमोत्तर की सभी कक्षाओं और पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत एवं छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले छात्र-छात्राओं में हजारों विद्यार्थियों के रिकार्ड संदिग्ध (सस्पेक्ट) पाए गए हैं। इनमें सभी वर्गों सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थी शामिल हैं। इनकी संख्या तकरीबन 61 हजार है। मामले में उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षण संस्थानों से 20 दिसंबर तक रिपोर्ट तलब कर ली गई है।
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मामला स्टेट एनआईसी की ओर से की गई स्क्रूटनी में सामने आया। विभिन्न कारणों से 61 हजार 75 विद्यार्थी संदिग्ध की श्रेणी में पाए गए। ऐसे में उनकी छात्रवृत्ति को लेकर संकट खड़ा हो गया है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं होती, छात्रवृत्ति का भुगतान रुका रहेगा। मामले में सीडीओ अटल कुमार राय की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को जारी पत्र में कहा गया है कि विभाग के अधिकारी और शिक्षण संस्थान इस बात की अच्छी तरह से तस्दीक कर लें कि अगर किसी विद्यार्थी का रिकार्ड औचित्यपूर्ण कारणों से संदिग्ध की श्रेणी में रखे जाने के लिए उपयुक्त नहीं है तो संबंधित विभागों जैसे, समाज कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को 20 दिसंबर तक हर हाल में कारण सहित रिपोर्ट उपलब्ध करा दें।

 संदिग्ध की श्रेणी में शामिल विद्यार्थियों की सूची उच्च शिक्षा विभाग और शिक्षण संस्थानों को सौंप दी गई है। इलाहाबाद में अनूसूचित जाति के 18991, अनुसूचित जनजाति के 209, सामान्य वर्ग के 10192, पिछड़ा वर्ग के 29098 और अल्पसंख्यक समुदाय के 2585 विद्यार्थियों के रिकार्ड संदिग्ध की श्रेणी में हैं। इस मसले पर जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक बैठक भी होनी है, जिसमें शिक्षण संस्थानों को जागरूक किया जाएगा और उनकी जिज्ञासाओं को समाधान किया जाएगा।
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