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प्रत्याशियों के समर्थन में उमड़े युवा

Tue, 22 Sep 2015 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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‘पूरब के ऑक्सफोर्ड’ के छात्रसंघ चुनाव में दावेदारी करने वालों को जानने-सुनने तथा उनके समर्थन में युवाओं का भारी जमघट हुआ। पिछले तीन चुनाव जैसा उत्साह तो नहीं दिखा, लेकिन शहर के हर कोने से समर्थक पहुंचे थे। इसमें सिर्फ विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं नहीं थे, बल्कि बाहर के युवाओं में भी इस छात्रसंघ को लेकर ललक दिखी। परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में युवा मौजूद रहे। अभी एक जुलूस जाता तो दूसरा पहुंच जाता। यह क्रम पूरी नामांकन प्रक्रिया के दौरान जारी रहा। खास यह रहा कि इस बार छात्रनेता तथा समर्थक पूर्व के चुनाव की तुलना में नियंत्रित दिखे तथा एक-दो घटनाओं को छोड़े दें तो शांति बनी रही। इस शांति के पीछे सख्ती भी रही। कमोवेश यही माहौल सीएमपी और इलाहाबाद डिग्री कालेज में नामांकन के दौरान भी रहा।
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परिसर के आसपास सुबह का दृश्य छात्रसंघ में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा था। पूर्व के चुनाव में नामांकन के विपरीत हर तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था। एक बारगी तो यह भी कहा जाने लगा था कि छात्र-छात्राओं का छात्रसंघ से मोह भंग होने लगा है। कुछ प्रत्याशी तो इसी खामोशी के बीच नामांकन करके चले गए, लेकिन नामांकन शुरू होने के तकरीबन आधा घंटा बाद माहौल एकदम से बदल गया। हर तरफ से जुलूस आने लगे तो नारों की गूंज भी सुनाई देने लगी। हालांकि, सख्ती का असर दिखा और छात्रसंघ भवन से महिला हॉस्टल तक वाहन जुलूस नहीं दिखे। कुछ प्रत्याशी ही वाहन से नामांकन करने पहुंचे। विश्वविद्यालय से कुछ दूरी पर ही चारों तरफ दर्जनों चार पहिया वाहन खड़े रहे। कई संगठनों तथा प्रत्याशियों का जुलूस केपीयूसी हॉस्टल से लल्ला चुंगी चौराहा से भी आगे तक रहा। प्रतियोगी छात्र मोर्चा, अखिला भारतीय विद्यार्थी परिषद, समाजवादी छात्रसभा, आइसा, एनएसयूआई, सामाजिक न्याय मोर्चा समेत अन्य संगठनों तथा निर्दलीय लड़ रहे प्रत्याशियों का जुलूस भी काफी लंबा था। संगठनों और प्रत्याशियों की तैयारी तथा जुलूस से साफ है कि सभी पदों पर मुकबला बहुकोणिय है। किसी एक के पक्ष में माहौल नहीं है।
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