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शिक्षा माफिया, दलालों ने बिगाड़े हालात

Wed, 05 Jun 2019 02:13 AM IST
raj kumar tripathi अमर उजाला
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी की गईं परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के समर्थन में उतरे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कर्मचारियों का कहना है कि शिक्षा माफिया और दलालों ने मिलकर आयोग में हालात बिगाड़ दिए हैं। एसटीएफ ने भी बिना सुबूत परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया है। कर्मचारियों ने राज्यपाल को पत्र भेजकर गुहार लगाई कि एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई जाए ताकि 10 हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिल सके। लोक सेवा आयोग कर्मचारी-अधिकारी संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने राज्यपाल को भेजे गए पत्र में कहा है कि पहले शिक्षा निदेशालय से एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा सीधे मेरिट के आधार पर होती होती थी। वहां शिक्षा माफिया और दलालों की ही चलती थी। इसी वजह से परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी यूपीपीएससी को सौंप दी गई। शिक्षा माफिया और दलालों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ तो उन्होंने पेपर आउट होने की अफवाह उड़ा दी और एसटीएफ ने भी बिना किसी ठोस सुबूत के परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार कर लिया। बेवजह हुए इस विवाद के कारण 10 हजार से अधिक पदों पर भर्तियां फंसी हुई हैं।
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आयोग कर्मियों ने एसटीएफ की ओर से अब तक की गई कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि एसटीएफ के मुताबिक अगर 50 अभ्यर्थियों को पेपर रटवाए गए तो उनमें से 21 अभ्यर्थियों ने परीक्षा क्यों छोड़ दी। एसटीएफ की ओर से भेजे गए पत्र के मुताबिक 50 में से 29 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे और इनकी सूचना एटीएफ को दी गई है। इन अभ्यर्थियों ने जिन विषयों की परीक्षा दी थी, उनका परिणाम अब तक नहीं आया है। ऐसे में अब तक तय नहीं है कि 29 में से कितनों ने परीक्षा उत्तीर्ण की। एसटीएफ 50 अभ्यर्थियों से वसूले गए 10 करोड़ की बरामदगी भी नहीं कर सकी और न ही शिकायतकर्ताओं के पास कोई पेपर मिला। एसटीएफ के पास पेपर जलाए जाने का कथित वीडियो उपलब्ध है, जो किसी पुष्ट साक्ष्य की ओर इशारा नहीं करता है।
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