1970 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक घोटाले से जुड़े जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। इलाहाबाद सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत करीब 3.94 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। यह इस मामले में ईडी का तीसरा प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर है। ईडी के मुताबिक, यह कार्रवाई सीबीआई, लखनऊ की ओर से दर्ज एफआईआर और आरोपपत्र के आधार पर की जा रही जांच के दौरान की गई।
जांच में आरोप सामने आए हैं कि जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रमोटर सत्य नारायण झुनझुनवाला और उनके सहयोगियों ने सुनियोजित तरीके से बैंकों के कंसोर्टियम को 1970 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाया। आरोप है कि बैंक से प्राप्त धनराशि को परिजनों, रिश्तेदारों और कई फर्जी कंपनियों एवं संस्थाओं के जरिए इधर-उधर कर निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया।
जांच के दौरान ईडी ने 13 ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। इससे पहले जारी दो प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत 878.67 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं। इन अटैचमेंट की पुष्टि पीएमएलए की निर्णायक प्राधिकरण भी कर चुकी है, जबकि विशेष पीएमएलए अदालत मामले का संज्ञान ले चुकी है। ईडी के अनुसार, ताजा कार्रवाई के बाद इस प्रकरण में अब तक कुल 882.61 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।