प्रयागराज। करोड़ों के एक्सिस बैंक घोटाले में शुआट्स के चार पूर्व कर्मचारियों के घरों पर मंगलवार को ईडी ने छापेमारी की। ईडी की टीमें ने चारों स्थानों पर एक साथ पहुंचीं। हालांकि, क्या बरामदगी हुई है, इसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका है। इस कार्यवाही में जांच एजेंसी के हाथ अहम दस्तावेज लगे हैं। इनकी जांच के बाद कुछ और ठिकानों पर छापे मारे जाने की संभावना है। लखनऊ में ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर छापेमारी की पुष्टि की है।
जांच एजेंसी ने जिनके यहां छापे मारे उनमें बैंक के तत्कालीन प्रबंधक कमल अहसन, यूनिवर्सिटी के वित्त नियंत्रक रहे बर्नबास एस लाल, यूनीवर्सिटी के तत्कालीन अकाउंटेंट राजेश कुमार व अकबर अहमद खान शामिल हैं। निदेशालय पूर्व में कमल अहसन व राजेश कुमार की 4.58 करोड़ रुपये की संपत्ति संबद्ध कर चुकी है। इस मामले में पूर्व में प्रयागराज पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर 17 के अधिक को गिरफ्तार किया था। मामले की एसआईटी ने भी जांच की थी।
एक्सिस बैंक में शुआट्स कर्मचारी की मिलीभगत से 22 करोड़ से अधिक के गबन का मामला 2018 में सामने आया था। इस मामले की रिपोर्ट सबसे पहले सिविल लाइंस थाने में दर्ज की गई थी। पुलिस ने शुआट्स वीसी समेत कई से पूछताछ भी की थी। कई अधिकारी और कर्मचारियों को जेल भी भेजा गया था। एसआईटी के साथ-साथ क्राइम ब्रांच ने भी इस मामले की जांच की थी। फिलहाल शुआट्स प्रशासन इस कार्रवाई पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
यूनीवर्सिटी के एक्सिस बैंक के खातों से करोड़ों की रकम निकाल कर उसे मनी लांड्रिंग के जरिए विभिन्न खातों में डाल कर फिर निजी लाभ के लिए निकाल लिए जाने की जानकारी होने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी ने पाया था कि फर्डीवाड़े में बैंक व यूनीवर्सिटी के अफसर शामिल थे।
यह था मामला
सिविल लाइंस में मई 2018 को एक्सिस बैंक में करोड़ों के घपले की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इस मामले में बैंक के पूर्व मैनेजर कमाल एहसान को पुलिस ने सबसे पहले गिरफ्तार किया था। वह रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर तैनात था और शुआट्स का काम देख रहा था। 2013 से लेकर 2016 तक शुआट्स के एकाउंटेंट राजेश कुमार के साथ मिलकर 22 करोड़ 37 लाख 64 हजार 198 रुपये का गबन किया था। दोनों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से कई बैंक खाते खुलवाए और शुआट्स के चेक उनके खातों में लगाकर रुपयों का भुगतान करा लिया।