कुर्सी, पलंग हिले और रोती, चिल्लाती महिलाएं, बच्चे बाहर निकलकर बेतहाशा सीढ़ियों की ओर भागे। लगातार दूसरे दिन आए भूकंप के झटकों के कारण ज्यादातर बहुमंजिला अपार्टमेंट का यह नजारा रहा। रविवार को फिर से आए कुछ सेकेंड के झटकों ने बहुमंजिला इमारतों के फ्लैटों में रह रहे लोगों को अंदर तक हिला दिया है। उनमें डर इस कदर बैठ गया है कि फ्लैटों में वापस जाने से घबरा रहे हैं। अपार्टमेंट से दूर खुले में पहुंचने के बाद काफी लोग करीब दो-तीन घंटे तक वापस फ्लैट में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
शनिवार के बाद रविवार को दिन में करीब पौने बारह बजे जैसे ही भूकंप के झटके लगे, अपार्टमेंटों में रहने वालों में अफरातफरी मच गई। मजह कुछ सेकेंड के झटकों के बीच सिविल लाइंस, अशोक नगर, राजापुर, लूकरगंज, सुलेम सराय, कीडगंज नई बस्ती, कटरा, ममफोर्डगंज, अल्लापुर, जार्जटाउन, टैगोर टाउन, सोहबतियाबाग, अलोपीबाग आदि में निजी बहुमंजिला अपार्टमेंट के साथ एडीए की स्टेनली रोड आवास योजना, जूही कॉलोनी, मीरापुर आवास योजना, परिवर्तन अपार्टमेंट, अग्निपथ, चौफटका स्थित अंबेडकर आवास योजना के फ्लैटों में, जो जिस हाल में था, वैसे ही सीढ़ियों की ओर भागा। रविवार को होने के कारण ज्यादातर लोग घरों में ही थे। अपार्टमेंट में चौथे, पांचवें और उससे ऊपर के तलों के फ्लैटों में रहने वालों में दहशत ज्यादा रही।
सिर पर बड़ा खतरा मंडराता देख महिलाएं-बच्चे रोते, चिल्लाते बाहर की ओर भागे। पुरुषों के साथ बुजुर्ग भी गिरते-पड़ते अपार्टमेंटों से बाहर निकले। इस आपाधापी में कई लोग गिरकर चुटहिल भी हुए। दिन में करीब तीन बजे तक लोग वापस फ्लैटों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। छोटे-छोटे बच्चों के साथ लोग अपार्टमेंट से दूर खुले में बैठे रहे।