दिन में 12.35 बजे भूकंप के झटके लगते ही बहुमंजिला इमारतों वाले कार्यालयों में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी कांप गए। जोरदार झटकों के बीच इन कार्यालयों में भगदड़ मच गई। अफसर हो या कर्मचारी बदहवास कार्यालय के बाहर भागते नजर आए। बहुमंजिला इमारतों में ऊपरी तलों पर काम करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों के चेहरों पर भूकंप की दहशत साफ दिखाई दी। दोपहर तीन बजे के बाद तक कर्मचारी कार्यालयों के अंदर जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
भूकंप के झटके लगते ही विकास भवन में तीसरे और चौथे तल पर स्थित कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। सिविल लाइंस में इंदिरा भवन की पांचवीं, छठी, सातवीं, आठवीं और नवीं मंजिल तथा संगम प्लेस में भी पांच से लेकर दसवीं मंजिल तक यही हाल रहा। भूकंप का अहसास होते ही अधिकारी, कर्मचारी केबिन से लेकर आलमारी, फाइलें आदि छोड़कर बाहर की ओर भागे। 25 अप्रैल को आए भूकंप से सबक लेते हुए इस बार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने लिफ्ट का इस्तेमाल नहीं किया और सीधे सीढ़ियों की ओर भागे। सीढ़ियों पर बदहवास भागने और नीचे उतरने के चक्कर में कई कर्मचारी गिरकर घायल भी हुए। संगम प्लेट में मेजा पावर कारपोरेशन, आडिट, मंडी परिषद अन्य विभागों के कर्मचारी डरे-सहमे कर्मचारी बिल्डिंग के बाहर आए। संगम प्लेस में बाहर की ओर आपातकालीन सीढ़ी है, ज्यादातर लोगों ने इन्हीं सीढ़ियों का सहारा लिया।
सिविल लाइंस में एलआईसी भवन, सीबीएसई भवन, डीआरएम कार्यालय, बीएसएनएल, एजी कार्यालय, बोर्ड ऑफिस, नगर निगम कार्यालय सहित बहुमंजिला इमारतों वाले अन्य कार्यालयों में भी कमोबेश यही नजारा रहा। यहां के कर्मचारी दोबारा कार्यालयों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। कुछ ही देर में दोबारा आए भूकंप ने कर्मचारियों को दहला दिया। बहुमंजिला इमारतों वाले ज्यादातर कार्यालयों में अधिकारी, कर्मचारी कई घंटों तक वापस जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके।